जम्मू में खुलेगा पहला पशु श्मशान घाट, 100 किलो तक के जानवरों को मिलेगी सम्मानजनक अंतिम विदाई
जम्मू में पालतू और अन्य छोटे जानवरों के लिए पहली बार विशेष श्मशान घाट की सुविधा शुरू होने जा रही है। जम्मू नगर निगम (JMC) कोट बलवाल में छोटे जानवरों के लिए यह सुविधा विकसित कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, श्मशान घाट के करीब एक महीने के भीतर आम लोगों के लिए शुरू होने की उम्मीद है।
100 किलोग्राम तक के जानवरों का हो सकेगा अंतिम संस्कार
जम्मू नगर निगम के मुताबिक, प्रस्तावित सुविधा में 100 किलोग्राम तक वजन वाले जानवरों का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इसमें पालतू जानवरों के अलावा आवारा और अन्य छोटे जानवर भी शामिल होंगे। यह पहल पालतू पशु मालिकों और पशु कल्याण से जुड़े लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद की गई है।
JMC की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या शर्मा के अनुसार, कई लोगों ने जानवरों के लिए अलग श्मशान घाट की मांग की थी। नई सुविधा का उद्देश्य लोगों को अपने पालतू या किसी अन्य जानवर को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देने का विकल्प उपलब्ध कराना है।
राख भी मालिकों को दी जा सकेगी
अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार के बाद जानवरों की राख उनके मालिकों को भी दी जा सकती है, ताकि वे अपनी इच्छा के अनुसार आगे की रस्में पूरी कर सकें। यह सुविधा केवल पालतू जानवरों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि आवारा जानवरों की देखभाल करने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
कैसे कर सकेंगे संपर्क?
श्मशान घाट के चालू होने के बाद इसके समय और प्रक्रिया की जानकारी जम्मू नगर निगम के आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, लोग JMC की वेबसाइट, ‘My Jammu’ ऐप और निर्धारित फोन नंबरों के जरिए जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
फिलहाल JMC की आधिकारिक वेबसाइट पर सामान्य हेल्पलाइन 1800-180-7207 उपलब्ध है। पशु कल्याण अधिकारी का संपर्क नंबर भी JMC की आधिकारिक संपर्क सूची में दिया गया है। हालांकि, नए श्मशान घाट के लिए अलग संपर्क नंबर और संचालन का समय शुरू होने के बाद आधिकारिक रूप से जारी किया जाना है।
पालतू पशु मालिकों को बड़ी राहत की उम्मीद
जम्मू में अब तक पालतू जानवरों के अंतिम संस्कार के लिए कोई समर्पित सुविधा नहीं थी। ऐसे में कई लोगों को निजी जमीन या अन्य अनौपचारिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ता था। नए श्मशान घाट के शुरू होने से ऐसे परिवारों और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

