भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एशियाई खेलों से बाहर होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन कहा कि इस झटके को स्वीकार करना और जल्द वापसी पर ध्यान केंद्रित करना अहम है।
28 वर्षीय नीरज ने टोक्यो ओलिंपिक में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को एथलेटिक्स में पहला ओलिंपिक स्वर्ण दिलाया था। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलिंपिक में रजत पदक जीता। हालांकि अभ्यास के दौरान लिगामेंट में चोट लगने के कारण वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की हैट्रिक बनाने का मौका गंवा बैठे।
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के खेलो भारत पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से मुश्किल है। हालांकि, मेरे लिए यह थोड़ा सामान्य हो गया है, क्योंकि मेरे करियर में ऐसा कई बार हुआ है। कई बार ऐसा हुआ जब मैं पूरी तरह तैयार था और अचानक चोट लग गई।
नीरज ने कहा कि इस बार की चोट इसलिए ज्यादा निराशाजनक थी, क्योंकि उन्हें लगा था कि वह पहले की परेशानी से उबरकर आखिरकार अपने सर्वश्रेष्ठ फार्म में लौट आए हैं। मैंने 88 मीटर का थ्रो किया। फिर उसके ठीक एक दिन बाद ट्रेनिंग के दौरान दोबारा चोट लग गई। एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के लिए चोपड़ा ने कहा कि वह इस मौके का भरपूर लाभ उठाएं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

