गुरुग्राम में स्पा सेंटरों के बाद अब पीजी और गेस्ट हाउस में जिस्मफरोशी का संगठित खेल चलता मिला है। सफायर-90 माल रेड में पकड़ी गई एक 19 साल की लड़की ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो पुलिस के भी होश उड़ गए। उसी की निशानदेही पर सेक्टर-38 के एक पीजी में शनिवार रात छापा मारा गया, जहां विदेशी युवतियों समेत 21 लोग देह व्यापार में संलिप्त पकड़े गए।
बंगाल से दिल्ली काम के बहाने लाई गई नाबालिग
शुक्रवार रात सफायर माल के 18 स्पा सेंटरों पर हुई रेड में 30 महिलाएं और 20 पुरुष पकड़े गए थे। काउंसलिंग के दौरान हरियाणा महिला आयोग के सामने एक युवती फूट-फूटकर रो पड़ी। उसने बताया कि वह दक्षिण 24 परगना की रहने वाली है।
दो साल पहले एक प्लेसमेंट एजेंसी वाले उसे अच्छी नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाए और फिर झाड़सा में पीजी चलाने वाले साहिल और उसकी पत्नी के हवाले कर दिया। आरोप है कि दंपती ने उसे पीजी में बंधक बनाकर जबरन इस धंधे में धकेल दिया। तब से वह इसी जाल में फंसी थी। उसकी बात सुनकर ही आयोग ने तुरंत पीजी पर रेड का प्लान बनाया।
चेयरपर्सन खुद रहीं मौजूद, विदेशी लड़कियां भी मिलीं
हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन ऊषा प्रियदर्शी खुद टीम के साथ सेक्टर-38 के उस पीजी पर पहुंचीं। शनिवार रात में मारे गए छापे में आठ महिलाएं और 13 पुरुष देह व्यापार में संलिप्त में मिले। इनमें तीन विदेशी मूल की युवतियां भी शामिल हैं। ऊषा प्रियदर्शी ने बताया कि गुरुग्राम में दो दिनों तक मजबूती से कार्रवाई की गई है।
हरियाणा सरकार महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध पर गंभीर है। आगे भी गुरुग्राम व अन्य शहरों में इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी रेस्क्यू की गई महिलाओं की काउंसिलिंग की जा रही है। जांच में भी जो भी सामने आएगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
70 पकड़े, 38 महिलाओं का रेस्क्यू
सिर्फ दो दिन में पुलिस 70 से ज्यादा लोगों को इस धंधे में पकड़ चुकी है। इनमें से 38 महिलाओं को रेस्क्यू किया गया है। इनमें एक जम्मू-कश्मीर, एक मध्य प्रदेश, 10 हरियाणा की हैं, जबकि बाकी बिहार, बंगाल, झारखंड, यूपी समेत अन्य राज्यों की हैं। मामले में कार्रवाई कर रहे एसीपी हेडक्वार्टर अभिलक्ष्य जोशी ने बताया कि नाबालिग को बंधक बनाकर जबरन देह व्यापार में धकेलने पर सदर थाने में दंपती के खिलाफ पाक्सो, मानव तस्करी और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। दंपती से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

