बालू ठेके के पार्टनरों के विवाद में फंसी UP Police, चित्रकूट में थानाध्यक्ष, दारोगा व कंप्यूटर आपरेटर निलंबित

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बालू ठेके के पार्टनरों के विवाद में यूपी पुलिस का बीच में आना मुसीबत बन गया। मामला बालू ठेके के दो पार्टनर ठेकेदारों के लेनदेन का था, लेकिन जांच की आंच में सरधुवा थानाध्यक्ष शिवआसरे के साथ दारोगा अजहर जमाल और कंप्यूटर आपरेटर मनीष कुमार भी आ गए।

आरोपित को थाने लाने और विवेचना के बाद गिरफ्तारी कर ले जाने के बीच के समय की वीडियो रिकार्डिंग हाई कोर्ट के मांगने पर पेश भी की गई, लेकिन दो कैमरों की रिकार्डिंग न मिलना उन पर भारी पड़ गया। तीनों की कार्यशैली पर हाई कोर्ट के जज ने नाराजगी जताई तो एसपी ने तीनों को निलंबित कर दिया।

आजमगढ़ जिले के सिंघानी के राउतमऊ निवासी प्रदीप यादव और मऊ के राघवेंद्र सिंह ने लखनऊ के शहीद पथ चार्मवुड, सुशांत गोल्फ सिटी, गेस्ट प्राइज मार्ट निवासी राघवेंद्र दुबे के खिलाफ मई 2026 में सरधुवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आरोप था कि बालू घाट की पार्टनरशिप में 19 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। एक करोड़ रुपये भी काम में लगाए थे, लेकिन काम शुरू होने के कुछ माह बाद आरोपित ने प्रतिमाह होने वाला लाभांश देने से इन्कार कर धमकी दी। दारोगा अजहर जमाल आरोपित को पकड़कर थाने लाए और फिर गिरफ्तारी दिखाई।

इसी मामले में आरोपित ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उसे थाने में बुलाकर बैठाया गया और कई घंटे बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के जज ने थाने के सीसीटीवी फुटेज मांगे। तीन कैमरों के फुटेज मिले, दो के नहीं मिलने पर जज ने नाराजगी जाहिर की।

एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच अधिकारी और कंप्यूटर आपरेटर पेन ड्राइव में सभी कैमरों की फुटेज लेकर हाई कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। इसी मामले में तीनों को निलंबित कर दिया गया है, जांच जारी है।

दारोगा अजहर जमाल क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म की घटना में पीड़ित परिवार की शिकायत पर समय से कार्रवाई न करने के आरोप में पहले भी लाइन हाजिर हो चुके हैं।

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