कटिहार-छपरा रेलखंड पर रेलवे का नया प्रयोग, बिना क्रू बदले 9 क्रैक ट्रेनों ने तय किया 326 किमी सफर
व्यस्त रेलखंडों पर मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने और परिचालन संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल में सोनपुर मंडल ने नई मिसाल कायम की है।
मंडल ने एक ही दिन में 23 क्रैक मालगाड़ियों का संचालन बिना किसी एन-रूट क्रू परिवर्तन के किया। इस दौरान ट्रेनों को समस्तीपुर यार्ड में क्रू बदलने के लिए रोकना नहीं पड़ा।
इससे परिचालन में अनावश्यक ठहराव कम हुआ और रेल नेटवर्क की क्षमता का बेहतर उपयोग संभव हो सका। इस रिकॉर्ड परिचालन का सबसे अहम हिस्सा कटिहार-छपरा (KIR-CPR) रेलखंड रहा।
इस मार्ग पर संचालित नौ क्रैक ट्रेनों ने कुल 326 किलोमीटर की दूरी 9 घंटे 12 मिनट में पूरी की। ट्रेनों की औसत गति करीब 36 किलोमीटर प्रति घंटा रही।
बिना क्रू बदले ट्रेनों के लगातार परिचालन से माल ढुलाई के साथ लोकोमोटिव और वैगनों के टर्नअराउंड में भी सुधार का रास्ता खुला।
चार रेलखंडों पर दिखी परिचालन क्षमता
एक दिन में संचालित 23 क्रैक ट्रेनों में कटिहार-छपरा रेलखंड पर 9, सिमरिया-मुजफ्फरपुर-सिमरिया पर 8, जबकि बरौनी-तिलैया और बरौनी-दरभंगा रेलखंड पर तीन-तीन ट्रेनें शामिल रहीं।
इस व्यवस्था से 23 रनिंग क्रू सेट की प्रत्यक्ष बचत हुई। इसके अलावा क्रू एवं परिचालन लागत कम करने, लोकोमोटिव और वैगनों का बेहतर इस्तेमाल करने तथा व्यस्त रेलखंडों पर अतिरिक्त लाइन क्षमता उपलब्ध कराने में मदद मिली।
मालगाड़ियों के बीच यात्री ट्रेनों का समयपालन भी बेहतर
सोनपुर मंडल के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण रही कि रिकॉर्ड माल परिचालन के बावजूद यात्री ट्रेनों के समयपालन पर असर नहीं पड़ा।
मंडल में उस दिन संचालित 134 मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों में करीब 95 प्रतिशत ट्रेनें समय पर चलीं। मंडल अधिकारियों के अनुसार, क्रैक ट्रेनों के संचालन में अपनाई गई व्यवस्था से व्यस्त रेल मार्गों पर उपलब्ध क्षमता का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
महाप्रबंधक, पूर्व मध्य रेल एवं मंडल रेल प्रबंधक, सोनपुर के मार्गदर्शन में मंडल द्वारा क्रैक ट्रेन परिचालन को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

