हिमाचल: चरखी दादरी को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग, किसानों ने कहा- 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे दे सरकार

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 अखिल भारतीय किसान सभा दादरी जिला कमेटी की बैठक शनिवार को दादरी शहर की सोनी धर्मशाला के समीप हुई।

बैठक की अध्यक्षता किसान नेता बिजेंद्र सांगवान ने की और संचालन जिला कमेटी प्रधान रणधीर कुंगड़ ने किया। बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। किसान सभा ने सरकार से मांग की कि विशेष गिरदावरी करवा कर क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए और किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।

इसके अलावा मांग की गई कि नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ा जाए ताकि सिंचाई के साथ-साथ गांवों में पेयजल संकट दूर किया जा सके। बैठक में फसल बीमा कंपनियों से एक सप्ताह के अंदर क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट पूरा करने की अपील की गई।

किसानों ने की मांग

किसान नेताओं ने कहा कि किसान रबी फसल की तैयारी के लिए खराब फसल को हटाने के लिए मजबूर हैं। इसलिए समय पर क्राप कटिंग जरूरी है। कृषि विभाग पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराए तथा बीमा कंपनी की मौजूदगी में क्रॉप कटिंग करवा कर संबंधित किसान को इसकी रसीद उपलब्ध कराए।

राज्य कमेटी के निर्णयों की जानकारी देते हुए बैठक में भिवानी जिला कमेटी के उपाध्यक्ष कामरेड ओमप्रकाश ने बताया कि आगामी 26 नवंबर को किसान आंदोलन की छठी वर्षगांठ मनाई जाएगी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान मजदूर आंदोलन को दोबारा शुरू किया जाएगा। किसान सभा ने एमएसपी की संवैधानिक गारंटी, बिजली के निजीकरण पर रोक, बीज विधेयक वापस लेने, किसानों की कर्ज माफी तथा प्राकृतिक आपदाओं में पूरा मुआवजा और बीमा क्लेम की मांग की।

सरकार पर दबाव बनाने के लिए कमेटियां की जाएंगी मजबूत

बैठक में कहा गया कि इन मांगों को लेकर गांव गांव बैठ आयोजित कर किसान सभा की कमेटियों को मजबूत किया जाएगा। सरकार पर दादरी जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर मुआवजा देने के लिए दबाव बनाया जाएगा।

बैठक में किसान सभा जिला सचिव नरेंद्र फोगाट, वरिष्ठ उप प्रधान अनोखी देवी , उप प्रधान मा. महावीर रानीला, फतेह सिंह चिड़िया, ओमप्रकाश खोरड़ा, जिला कोषाध्यक्ष सुरेंद्र मोठसरा, जिला कमेटी सदस्य ओम नंबरदार उपस्थित रहे।

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