UP के बाराबंकी की पहचान है मावे की ये खास मिठाई, स्वाद ऐसा कि जलेबी-रसगुल्ला भी इसके आगे फेल
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश का बाराबंकी जिला अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ खान-पान की खास परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। यहां की एक खास मावे से तैयार मिठाई स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसका स्वाद और बनाने का पारंपरिक अंदाज इसे दूसरी मिठाइयों से अलग पहचान देता है।
मावे से तैयार होती है खास मिठाई
बाराबंकी की इस पारंपरिक मिठाई में मावे का प्रमुख इस्तेमाल किया जाता है। मावे की मिठास और खास बनावट इसकी सबसे बड़ी विशेषता मानी जाती है। स्थानीय स्तर पर इसे लंबे समय से पसंद किया जाता रहा है और त्योहारों तथा विशेष अवसरों पर भी इसकी मांग देखने को मिलती है।
जलेबी-रसगुल्ले से अलग स्वाद
आमतौर पर लोग जलेबी, रसगुल्ला और दूसरी पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद लेना पसंद करते हैं, लेकिन बाराबंकी की यह मावे वाली मिठाई अपने अलग स्वाद के कारण खास जगह रखती है। इसका स्वाद लेने वाले लोग इसे स्थानीय खान-पान की विशिष्ट पहचान से जोड़कर देखते हैं।
स्थानीय स्वाद से जुड़ी है पहचान
बाराबंकी की यह मिठाई केवल खाने की चीज नहीं, बल्कि स्थानीय खाद्य संस्कृति का हिस्सा भी मानी जाती है। समय के साथ मिठाइयों की कई नई किस्में बाजार में आईं, लेकिन पारंपरिक स्वाद वाली इस मिठाई की लोकप्रियता बनी हुई है।
बाहर से आने वाले लोग भी लेते हैं स्वाद
बाराबंकी आने वाले लोग यहां के स्थानीय व्यंजनों और मिठाइयों का स्वाद लेने में रुचि दिखाते हैं। मावे से बनी यह खास मिठाई भी स्थानीय स्वाद को जानने का एक माध्यम बनती है। यही वजह है कि इसकी चर्चा बाराबंकी की खास मिठाइयों में होती है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

