लिखित आश्वासन पर अड़े NHM कर्मचारी, सरकार से बातचीत बेनतीजा; J&K में 72 घंटे और बढ़ी हड़ताल

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जम्मू-कश्मीर में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। कर्मचारियों ने सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अपनी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलने के बाद आंदोलन को 18 सितंबर से एक बार फिर 72 घंटे के लिए बढ़ा दिया है। हड़ताल के चलते केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं पर असर पड़ा है।

लिखित और समयबद्ध आश्वासन की मांग

NHM कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, नौकरी की सुरक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ, ग्रेच्युटी और सामाजिक सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार के साथ हुई बातचीत में अभी तक इन मांगों के समाधान के लिए ठोस और समयबद्ध रोडमैप नहीं मिला है।

कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के रास्ते खुले हैं, लेकिन आंदोलन समाप्त करने के लिए लिखित और ठोस कदम जरूरी हैं। संगठन ने कर्मचारियों से प्रदर्शन के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील भी की है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

रिपोर्टों के अनुसार, हड़ताल में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, प्रशासनिक कर्मचारियों और विभिन्न NHM कार्यक्रमों से जुड़े कर्मियों की भागीदारी है। इससे जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत कुछ स्वास्थ्य संस्थानों में कामकाज प्रभावित हुआ है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) से जुड़ी सेवाओं पर भी असर पड़ने की जानकारी सामने आई है।

स्वास्थ्य विभाग ने उपलब्ध नियमित कर्मचारियों की तैनाती और ड्यूटी रोस्टर में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आपातकालीन और अन्य जरूरी मरीज सेवाएं जारी रखी जा सकें।

सरकार से समाधान की उम्मीद

NHM कर्मचारी संगठन का कहना है कि वह सरकार के साथ रचनात्मक बातचीत के लिए तैयार है और चाहता है कि लंबित मांगों पर समयबद्ध निर्णय लिया जाए। दूसरी ओर, स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है और बताया है कि कर्मचारियों से जुड़े कुछ मुद्दों पर सरकार स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।

फिलहाल, 72 घंटे के विस्तार के बाद हड़ताल 21 सितंबर तक जारी रहने की स्थिति है। आगे सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से आंदोलन को लेकर अगला फैसला सामने आ सकता है।

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