दरभंगा में रेड पड़ते ही भागे संचालक, दो अस्पताल सील, कई क्लीनिक बंद

बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की संयुक्त टीम ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। सुपौल बाजार, खोरागाछी रोड, उछटी रोड, पुराना थाना रोड और भन्था रोड समेत कई इलाकों में जांच की गई।

एसएस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन सील

जांच टीम सबसे पहले खोरागाछी रोड स्थित एसएस अस्पताल पहुंची। यहां अस्पताल की गतिविधियों और संसाधनों की जांच की गई। अनियमितता मिलने पर अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया तथा अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की गई।

हड्डी अस्पताल पर भी गिरी गाज

जेके कॉलेज के समीप संचालित हड्डी अस्पताल में मरीजों का इलाज और ड्रेसिंग का कार्य जारी मिला। हालांकि आवश्यक दस्तावेज और प्रशिक्षण संबंधी प्रमाण नहीं दिखाए जा सके। इसके बाद टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।

जांच से पहले ही खाली मिला जेके अस्पताल
छापेमारी दल के पहुंचने से पहले ही जेके अस्पताल लगभग खाली हो चुका था। अधिकांश कर्मी और मरीज वहां से निकल चुके थे। टीम ने अस्पताल की स्थिति का निरीक्षण किया।

कई अस्पताल और केयर सेंटर मिले बंद

17 नंबर कोठीपुल-गंदौल सहरसा रोड स्थित जीवन धारा केयर सेंटर बंद पाया गया। उछटी रोड के रंजना हेल्थ केयर में चिकित्सक अनुपस्थित मिले। भन्था रोड स्थित एचएस मेमोरियल अस्पताल भी जांच टीम के पहुंचने से पहले बंद कर दिया गया था।

डॉक्टर के इंतजार में बैठे रहे मरीज

पुराना थाना रोड के एक निजी अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज मौजूद थे, लेकिन जांच के समय चिकित्सक अपने चैंबर में नहीं मिले। मरीज लंबे समय तक डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे।

छापेमारी की खबर फैलते ही बंद हुए क्लीनिक

कार्रवाई की सूचना फैलते ही सुपौल बाजार क्षेत्र के कई निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम और जांच घरों में ताले लटक गए। कई संचालकों ने अपने संस्थानों के बोर्ड तक हटा दिए।

मरीजों की सुरक्षा से समझौता नहीं

अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना मानक और नियमों के संचालित संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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