कानपुर के जाजमऊ गंगा पुल की बंदी से ट्रांसपोर्टरों पर दोहरी मार, समय भी बढ़ा और खर्च भी

4.9kViews
1707 Shares

जाजमऊ का पुराना गंगा पुल बंद हुआ तो इसका असर केवल राहगीरों के सफर तक सीमित नहीं रहा। पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों के पहिये जैसे-जैसे वैकल्पिक मार्ग पर बढ़े, माल ढुलाई की लागत भी बढ़ती चली गई।

अब एक ट्रक को कानपुर पहुंचने के लिए करीब 122 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे प्रति ट्रक करीब पांच हजार रुपये तक डीजल का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। ऊपर से सफर में करीब 24 घंटे तक का अतिरिक्त समय लग रहा है। ऐसे में पुल बंद रहने की अवधि बढ़ने के साथ कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

उत्तर प्रदेश युवा ट्रांसपोर्ट यूनियन के संरक्षक श्याम शुक्ल के अनुसार डायवर्जन के चलते उन्नाव के गदनखेड़ा से बक्सर घाट तक करीब 54 किलोमीटर, बक्सर घाट से चौडगरा-प्रयागराज हाईवे तक करीब 23 किलोमीटर और चौडगरा से कानपुर शहर तक करीब 45 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।

इस तरह सामान्य मार्ग की तुलना में करीब 122 किलोमीटर अतिरिक्त सफर हो रहा है। यह अतिरिक्त दूरी केवल डीजल का खर्च नहीं बढ़ा रही, बल्कि चालक का समय, वाहन का रखरखाव और परिचालन लागत भी बढ़ रही है।

ट्रांसपोर्टर आदित्य तिवारी ने कहा कि तीन माह तक यही व्यवस्था जारी रही तो इसका असर माल ढुलाई कारोबार पर पड़ सकता है। आगे चलकर बढ़ा परिवहन खर्च वस्तुओं की कीमतों में भी जुड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *