लुधियाना से हावड़ा पहली बार रेल से पहुंचा पर्सिमोन, हिमाचल के किसानों को मिला देशभर के बाजारों तक नया रास्ता

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 हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में पैदा होने वाला पर्सिमोन फल अब रेल के रास्ते देश के बड़े बाजारों तक पहुंचेगा। फिरोजपुर मंडल के बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों से पहली बार लुधियाना से हावड़ा के लिए पर्सिमोन की रेल ढुलाई शुरू हुई है। अमृतसर-हावड़ा मेल के एसएलआर डिब्बे में लुधियाना रेलवे स्टेशन से 98 पैकेटों में 2600 किलोग्राम पर्सिमोन हावड़ा भेजा गया।

रेलवे के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू सहित ठंडे बागवानी क्षेत्रों में किसान अब पर्सिमोन की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। कम लागत, बेहतर कीमत और घरेलू स्तर पर बढ़ती मांग के कारण किसानों को इस फल की खेती में अच्छी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। बदलती जलवायु के बीच इसे सेब की तुलना में अधिक अनुकूल फल भी माना जा रहा है।

पर्सिमोन को जापानी फल और अमरफल के नाम से भी जाना जाता है। यह विटामिन सी, रेशे और शरीर के लिए उपयोगी तत्वों से भरपूर कम कैलोरी वाला पौष्टिक फल है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसकी मांग बढ़ने के साथ किसानों के लिए नए बाजार भी तैयार हो रहे हैं।

हावड़ा से आगे बढ़ेगा दायरा

फिरोजपुर मंडल के बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट की ओर से किए गए प्रयासों के बाद हिमाचल प्रदेश से आने वाले पर्सिमोन के लिए लुधियाना से रेल परिवहन की सुविधा उपलब्ध हुई है। फिलहाल हावड़ा, कोलकाता और सियालदह के लिए पर्सिमोन भेजा जा रहा है।

रेलवे आने वाले दिनों में पटना और गुवाहाटी जैसे अन्य प्रमुख शहरों तक भी इस फल की ढुलाई शुरू करने की तैयारी में है। इससे किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद को दूर के बाजारों तक पहुंचाने का अतिरिक्त माध्यम मिलेगा।

 

समयबद्ध परिवहन पर जोर

मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि फिरोजपुर मंडल की विश्वसनीय और समयबद्ध माल परिवहन व्यवस्था व्यापारियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करा रही है। मंडल की ओर से माल यातायात बढ़ाने के साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

रेल मार्ग से फल भेजे जाने से किसानों और व्यापारियों को सड़क परिवहन के विकल्प के रूप में एक व्यवस्थित माध्यम मिलेगा। पर्सिमोन की पहली खेप के हावड़ा रवाना होने को हिमाचल के बागवानी उत्पादों के लिए नए बाजारों तक पहुंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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