भारत मंडपम का भव्य नजारा: जुटेंगे ग्लोबल लीडर्स और PM मोदी कहां देंगे शानदार डिनर? देखें खास तस्वीरें

1605 Shares

राजधनी दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026 में दुनिया के दिग्गज पहुंचे हैं। विदेशी मेहमानों के लिए भारत मंडपम में खास इंतजाम किए गए हैं।

भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को दुनिया के दिग्गज नेताओं के बीच कई अहम बैठकें होंगी। इस VVIP कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में धरती से आसमान तक सुरक्षा का सख्त पहरा है। साथ ही भारत मंडपम में भव्य तैयारी की गई है।

23 एकड़ क्षेत्र में बना भारत मंडपम

23 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले भारत मंडपम परिसर का निर्माण लगभग 2,700 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह अत्याधुनिक केंद्र विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस है, जहां एक साथ हजारों अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और मेहमानों की मेजबानी की जा सकती है।

भारत मंडपम ने अपनी विशाल क्षमता और आधुनिक वास्तुकला के बल पर देश को वैश्विक सम्मेलनों के नक्शे पर अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा किया है।

PM मोदी की द्विपक्षीय बैठकें

  • सुबह 10:00 बजे – इथियोपिया के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक
  • सुबह 10:30 बजे – मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ बैठक
  • सुबह 11:00 बजे – अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ बैठक
  • सुबह 11:30 बजे – वियतनाम के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता
  • शाम 5:45 बजे – चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक

    आज का पूरा कार्यक्रम

    • दोपहर 2:00 बजे – BRICS समिट की औपचारिक शुरुआत
    • 2:30 बजे – पहला सत्र: समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना
    • 4:30 बजे – BRICS नेताओं का भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी का दौरा
    • शाम 5:00 बजे – BRICS नेताओं की फैमिली फोटो
    • शाम 5:30 बजे – BRICS नेताओं का संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम
    • रात 7:30 बजे – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राजकीय रात्रिभोज

      इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस, चीन के अलावा अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेता भी पहुंच रहे हैं। नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की द्विपक्षीय बातचीत भी होगी। सम्मेलन में शामिल होने वाले इन प्रमुख नेताओं पर दुनिया की खास नजर रहेगी

      इन नेताओं पर दुनिया की नजर

      शी चिनफिंग – 2013 से चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग पहली बार सितंबर 2014 में भारत आए। उसके बाद 2016 में उन्होंने गोवा में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। पिछली बार, 2019 में चेन्नई के पास मल्लापुरम में मोदी के साथ अनौपचारिक सम्मेलन के लिए वह भारत आए थे।

      व्लादिमीर पुतिन- दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में गिने जाने वाले पुतिन 2012 से रूस के राष्ट्रपति हैं। रूस ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य भी है। पुतिन ने 23वीं भारत-रूस सालाना समिट के लिए दिसंबर 2025 में भारत का राजकीय दौरा किया था।

      सिरिल रामाफोसा – जून 2024 में वह दक्षिण अफ्रीका के दोबारा राष्ट्रपति चुने गए। 27 अप्रैल 1994 को दक्षिण अफ़्रीका में हुए पहले लोकतांत्रिक चुनावों के बाद वे संसद सदस्य बने और संविधान सभा के अध्यक्ष चुने गए। जनवरी 2019 में भारत के राजकीय अतिथि के तौर पर वह 70वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुए थे।

      मसूद पेजेश्कियान – 2024 में ईरान के राष्ट्रपति चुने गए पेजेश्कियान पश्चिम एशिया में अमेरिका के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच समिट में हिस्सा ले रहे हैं। उनके दौरे पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। खाड़ी युद्ध के दौरान उन्होंने कई बार पीएम मोदी से फोन पर वार्ता की है।

      अब्देल फतह अल-सीसी – मिस्र के राष्ट्रपति के तौर पर उन्होंने जनवरी 2023 में भारत की राजकीय यात्रा की थी और 74वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी थे। इससे पहले अक्टूबर 2015 में तीसरे भारत-अफ्रीका फोरम समिट में भाग लेने और सितंबर 2016 में राजकीय यात्रा पर भारत आ चुके हैं।

      प्राबोवो सुबियांतो – उनका दौरा भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय साझेदारी व हजारों साल पुराने सांस्कृतिक संबंधों पर भी जोर देता है। राष्ट्रपति प्राबोवो ने 2025 में भारत का दौरा किया था। इंडोनेशिया 2025 में ब्रिक्स का सदस्य बना।

      अबिय अहमद अली – इथियोपिया के प्रधानमंत्री इस शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं और मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करने वाले हैं। वे 2018 में प्रधानमंत्री बने थे। इथियोपिया ने 2024 में ब्रिक्स की सदस्यता ली थी।

      शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान – अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने इस साल फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित एआइ इंपैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया था। सितंबर 2024 में भी भारत का दौरा किया था।

      अनवर इब्राहिम – मलेशिया के प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।

      प्रिंस फैसल बिन फरहान अन सउद – सऊदी अरब साम्राज्य के विदेश मंत्री शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *