अपर सचिव थे पिता, भाई HC में अफसर; बिहार के भ्रष्ट इंजीनियर राजेंद्र मांझी का पूरा बैकग्राउंड
आय से अधिक तीन करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप में लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मांझी के ठिकानों पर हुई एसवीयू की छापामारी के दूसरे दिन हकाम गांव में सन्नाटा पसरा रहा।
उन्होंने बताया कि जिस मकान में टीम ने तलाशी ली, उसे राजेंद्र मांझी के दादा स्व. रामलाल मांझी ने वर्ष 1961 में बनवाया था।
पिता सचिवालय में रहे अपर सचिव, भाई हाई कोर्ट में अधिकारी
जनकदेव मांझी के अनुसार, राजेंद्र मांझी के पिता स्व. किशुन मांझी पटना सचिवालय में अपर सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार शुरू से पढ़ा-लिखा और नौकरीपेशा रहा है।
राजेंद्र मांझी ने एमटेक और बीटेक की पढ़ाई करने के बाद करीब वर्ष 2001 में जल संसाधन विभाग में इंजीनियर के पद पर सेवा शुरू की।
शुरुआती दौर में उनकी तैनाती वाल्मीकिनगर, नवादा, गया और पटना में रही। उनके छोटे भाई जितेंद्र मांझी भी हाई कोर्ट में अधिकारी के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।
पिता की पुण्यतिथि में 17 जुलाई को आए थे गांव
चचेरे भाई ने बताया कि राजेंद्र मांझी गत 17 जुलाई को पिता की पुण्यतिथि में शामिल होने के लिए हकाम आए थे। दो-चार दिन रहने के बाद पटना लौट गए थे।
वर्तमान में राजेंद्र मांझी और उनके छोटे भाई जितेंद्र मांझी का परिवार पटना में ही रहता है। राजेंद्र मांझी की पत्नी कंचन देवी गृहिणी हैं। उनकी वृद्ध मां सुनैना देवी हकाम में रहती हैं।
पनवेल की 75 डिसमिल जमीन की भी जांच
एसवीयू की प्रारंभिक जांच में महाराष्ट्र के पनवेल में करीब 75 डिसमिल जमीन खरीदने से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। एजेंसी जमीन की रजिस्ट्री, भुगतान के स्रोत और लेन-देन की जांच कर रही है। आरोप है कि राजेंद्र मांझी ने ज्ञात आय से तीन करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है।
इसी मामले में उनके पटना स्थित सरकारी आवास, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। बताया जाता है कि इससे दो दिन पहले राजेंद्र मांझी की शिकायत पर एक ठेकेदार और उसके चालक को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसवीयू ने कार्रवाई की। फिलहाल पटना में जब्त दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच की जा रही है। महम्मदपुर थाना पुलिस ने बताया कि एसवीयू की ओर से अभी तक कार्रवाई के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

