पंजाब में ईथेनॉल पर राजनीति बनी खेती व उद्योग पर संकट, व्यापार मंडल बोला- नहीं संभले तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

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भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने पंजाब में कृषि, उद्योग और व्यापार की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि एक समय कृषि के क्षेत्र में अग्रणी रहा पंजाब आज उद्योग और व्यापार के मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से इन समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।

दो दिवसीय चंडीगढ़ दौरे के दौरान किसान भवन में आयोजित बैठक में पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के उद्योग एवं व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में कृषि और उद्योग लगातार आगे बढ़ रहे हैं, जबकि पंजाब का कृषि और औद्योगिक क्षेत्र संकट के दौर से गुजर रहा है।

उद्योगों को रियायतों का इंतजार

उन्होंने कहा कि गोदामों से समय पर माल की निकासी नहीं होने के कारण पंजाब के राइस मिलरों को दूसरे राज्यों में चावल भेजने के लिए 200 से 300 किलोमीटर तक का अतिरिक्त ट्रक भाड़ा अपनी जेब से वहन करना पड़ रहा है। इसके बावजूद चावल उद्योग से जुड़ी सरकारी मिलिंग प्रक्रिया अभी भी अधूरी है।

बैठक में पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि पिछले दस वर्षों में नए उद्योग स्थापित करने या मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए सरकार की ओर से कोई विशेष रियायत या सुविधा नहीं दी गई।

ईथेनॉल नीति विवाद से किसानों को नुकसान

बैठक के दौरान भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविंद्र सिंह चीमा ने ईथेनॉल मिश्रण को लेकर चल रहे विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में ईथेनॉल उद्योग का तेजी से विस्तार हो रहा है, जबकि पंजाब में, जहां इसकी सबसे अधिक संभावनाएं हैं, वहां इस क्षेत्र के विकास में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।

उनका कहना था कि वाहनों के ईंधन में ईथेनॉल मिश्रण को लेकर पैदा किया जा रहा विवाद न तो किसानों के हित में है और न ही देश के। चीमा ने दावा किया कि मक्का पंजाब की तीसरी प्रमुख फसल बनने की ओर बढ़ रहा है। यदि ईथेनॉल मिश्रण की नीति प्रभावित होती है तो इसका सबसे बड़ा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यदि ईंधन की माइलेज में मामूली कमी भी आती है, तब भी किसानों के हित और देश की विदेशी मुद्रा की बचत को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीतिक विवाद से बचना चाहिए।

राज्यपाल को सौपा ज्ञापन

बैठक के बाद बाबूलाल गुप्ता ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर उन्हें कृषि, उद्योग और व्यापार क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि इन मुद्दों को केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष उठाकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराया जाए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी बोर्ड के सदस्य चरणजीत सिंह, हिमाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रकाश देव, चंडीगढ़ आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील मित्तल, उद्योग व्यापार मंडल चंडीगढ़ के अध्यक्ष संजीव चड्ढा, राष्ट्रीय महासचिव पुनीत जैन तथा पंजाब इकाई के अध्यक्ष जसविंदर सिंह राणा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।

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