रेलवे स्टेशनों व भीड़भाड़ वाले इलाकों से बच्चों की चोरी कर खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह की महिला सदस्य को जीआरपी पीडीडीयू ने सात माह बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपित महिला की पहचान मुजफ्फरपुर, बिहार निवासी खुशबू उर्फ खुशनसीबी खातून के रूप में हुई है।
वह जीआरपी पीडीडीयू थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रही थी। पुलिस ने उसे बुधवार की रात उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपित महिला बच्चा चोरी और खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह की सक्रिय सदस्य है। पूछताछ में उसने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश व बिहार के रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों से बच्चों को चोरी करने की बात स्वीकार की है।चोरी किए गए बच्चों को बिहार ले जाकर जरूरतमंद लोगों को ऊंचे दाम पर बेचने की बात भी पुलिस को बताई। जीआरपी के मुताबिक गिरोह का तरीका बेहद शातिराना था। बच्चों को चोरी करने के बाद उन्हें नए कपड़े पहनाए जाते थे। इसके बाद नशीली दवा मिलाकर पेय पदार्थ पिलाया जाता था, जिससे बच्चा बेहोशी अथवा नींद की हालत में चला जाए। इसके बाद उसे आसानी से दूसरे स्थान पर ले जाकर बेच दिया जाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपित महिला के खिलाफ जीआरपी पीडीडीयू में मुकदमा विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
सात माह से पुलिस को दे रही थी चकमा
जीआरपी ने बताया कि आरोपित महिला मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रही थी। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। बुधवार को सूचना के आधार पर टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र स्थित सोनवर्षा शाह गांव में उसके घर के बाहर घेराबंदी की। रात करीब 9:30 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में जीआरपी डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक स्वतंत्र सिंह, कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार सिंह, कांस्टेबल रुपेश पांडेय व महिला कांस्टेबल रीमा भारतीय शामिल रहीं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

