‘हाई कोर्ट से केस ट्रांसफर नहीं करेंगे’, सत्य निकेतन हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया रुख

6.0kViews
1724 Shares

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे सत्य निकेतन इमारत गिरने के मामले को अपने पास ट्रांसफर नहीं कर रहा है क्योंकि कार्रवाई शुरू हो गई है।

जस्टिस अहसानद्दीन अमानुल्लाह और आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि वे मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं करना चाहते और हाई कोर्ट थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर अपने निर्देशों के पालन की निगरानी करता रहेगा।

सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत

दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट सुविधा वाली पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे गिर गई थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए।

अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू- अजीत सिन्हा
इस मामले में एमिकस क्यूरी के तौर पर नियुक्त सीनियर वकील अजीत सिन्हा ने बताया कि उन्हें अपने सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि सिविक अथॉरिटीज ने अनधिकृत निर्माण और पीजी आवासों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और चार मंजिला से ऊंची इमारतों को गिराया जा रहा है।दिल्ली सरकार और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की और से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने भी बेंच से आग्रह किया कि वे हाई कोर्ट से केस ट्रांसफर न करें क्योंकि सिविक अथॉरिटीज अब ज्यादा फोकस के साथ काम कर रही हैं।

हाई कोर्ट से केस ट्रांसफर नहीं करेंगे- सुप्रीम कोर्ट

बेंच ने एमिकस क्यूरी और एसजी के सुझाव को मान लिया और कहा कि केस ट्रांसफर नहीं कर रही है और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ उसके पहले के निर्देशों का पालन किया जाएगा। 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वह केस ट्रंसफर कर सकता है।

रविवार को हुई इस घटना के सिलसिले में इमारत के मालिक, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि MCD के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *