एटीएस के सूत्रों के अनुसार, दोनों गिरफ्तार आतंकियों के मोबाइल से मिली रिकॉर्डिंग के आधार पर सोशल मीडिया के उन इन्फ्लूएंसरों की भी जांच की जा रही है जिनके ज्यादा फालोअर्स हैं और जो धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दे रहे हैं।