वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय अब ड‍िग्री के ल‍िए जाना जरूरी नहीं, डिजिलॉकर से घर बैठे करें डाउनलोड

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 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से सत्र 2025-26 में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब उपाधि लेने के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। विश्वविद्यालय ने इस सत्र में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं की उपाधियां डिजिलॉकर पर अपलोड कर दी हैं।

विद्यार्थी घर बैठे मोबाइल फोन से अपनी उपाधि डाउनलोड कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने साफ किया है कि डिजिलॉकर से डाउनलोड की गई उपाधि सभी प्रयोजनों के लिए विधिमान्य होगी। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के कार्यभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

आईटी क्षेत्र से जुड़े कुलपति ने ऑनलाइन सेवाओं को सुगम बनाने और विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय आने की परेशानी से बचाने की दिशा में कार्य करने की बात कही है। इसी क्रम में उपाधियों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने की सुविधा विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इससे विद्यार्थियों को समय के साथ आने-जाने के खर्च और अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिलेगी।परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह की ओर से जारी पत्र में सभी प्राचार्यों, संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों और निदेशकों को विद्यार्थियों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में डिजिलॉकर से अपनी उपाधि और अंकपत्र डाउनलोड करने के लिए कहा गया है।डिजिलॉकर पर दस्तावेज प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को पहले अपना खाता बनाना होगा। इसके लिए डिजिलॉकर की वेबसाइट या मोबाइल अनुप्रयोग खोलकर पंजीकरण करना होगा। आधार के अनुसार नाम, जन्मतिथि, लिंग, आधार से जुड़े मोबाइल नंबर, छह अंकों का सुरक्षा संकेत और आधार संख्या दर्ज करनी होगी।

मोबाइल पर प्राप्त एक बार इस्तेमाल होने वाले संकेतांक के सत्यापन के बाद खाता तैयार हो जाएगा।खाते में प्रवेश करने के बाद दस्तावेज खोजने के विकल्प में जाकर शिक्षा श्रेणी चुननी होगी। इसके बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का नाम चुनकर उपाधि प्रमाणपत्र का विकल्प लेना होगा। विद्यार्थी को अपना रोल नंबर, पंजीकरण या नामांकन संख्या और उत्तीर्ण वर्ष दर्ज करना होगा। सहमति देने के बाद दस्तावेज प्राप्त करने पर उपाधि जारी दस्तावेज खंड में पहुंच जाएगी।

वहां से उसकी पीडीएफ प्रति डाउनलोड कर प्रिंट भी निकाली जा सकती है।इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा उन विद्यार्थियों को होगा, जिन्हें नौकरी, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा या किसी अन्य जरूरी काम के लिए तत्काल उपाधि की आवश्यकता है। अब दस्तावेज के लिए विश्वविद्यालय पहुंचने, आवेदन करने और इंतजार करने की परेशानी कम होगी। आईटी आधारित सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में विश्वविद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा।

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