सारण में पुलिस के सामने युवक ने गंडक नदी में लगा दी छलांग, तेज धारा में बहा; दो महीने में सातवीं घटना

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 रेवाघाट पुल पर मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी के बावजूद एक युवक ने गंडक नदी में छलांग लगा दी। पुल पर तैनात पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते और युवक को रोक पाते, इससे पहले ही वह तेज धारा में बहने लगा।

नदी में छलांग लगाने के बाद युवक करीब एक किलोमीटर तक पानी में तैरता रहा और बचाने की गुहार लगाता रहा। स्थानीय लोगों और नाविकों ने उसे बचाने का प्रयास भी किया।

लेकिन गंडक की तेज धारा उसे बहाकर ले गई। बाद में रुकूनबाधा गांव के समीप युवक पानी में लापता हो गया। लापता युवक की पहचान तरैया थाना क्षेत्र के टिकमपुर गांव निवासी लालबहादुर राम के पुत्र सचिन कुमार राम के रूप में हुई है।

घटना के बाद पुलिस ने स्थानीय नाविकों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल सका।

बाइक से पहुंचा पुल, भाई को फोन कर कही नदी में कूदने की बात

बताया जाता है कि सचिन मंगलवार दोपहर करीब एक बजे बाइक से रेवाघाट पुल पर पहुंचा था। पुल पर बाइक खड़ी करने के बाद उसने अपने बड़े भाई सुबास कुमार राम को फोन किया।

बातचीत के दौरान उसने नदी में कूदने की बात कही। इसके बाद उसने अपना मोबाइल फोन पुल पर ही छोड़ दिया और गंडक नदी में छलांग लगा दी।

सूचना मिलते ही उसका बड़ा भाई भी मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक सचिन नदी की तेज धारा में बह चुका था। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई।

एक किलोमीटर तक तैरता रहा, नाविकों ने बचाने की कोशिश की

नदी में छलांग लगाने के बाद युवक काफी दूर तक तैरते हुए खुद को बचाने का प्रयास करता रहा। इस दौरान वह बचाने की गुहार भी लगाता रहा। ठाकुरबारी गांव के समीप उसकी आवाज सुनकर स्थानीय नाविक नाव लेकर उसकी ओर बढ़े।

नाविकों ने युवक तक पहुंचकर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंडक की तेज धारा के कारण वह लगातार आगे बहता चला गया। कुछ दूरी तक उसे बचाने की कोशिश जारी रही।

लेकिन तेज बहाव के कारण युवक नाविकों की पहुंच से बाहर बह गया। बाद में रुकूनबाधा गांव के समीप वह पानी में लापता हो गया। उसे बचाने की सारी कोशिशें नाकाम हो गईं।

नाविकों के साथ पुलिस ने चलाया तलाशी अभियान

घटना की सूचना मिलते ही मकेर थानाध्यक्ष संग्राम सिंह पुलिस बल और डायल 112 की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय नाविकों और ग्रामीणों की मदद से गंडक नदी में युवक की तलाश शुरू की गई।

पुलिस और नाविकों ने नदी के विभिन्न हिस्सों में काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस आसपास के इलाकों में भी जानकारी जुटा रही है।

दो माह में सातवीं घटना, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रेवाघाट पुल से बीते दो माह के दौरान नदी में छलांग लगाने की यह सातवीं घटना बताई जा रही है। इससे पहले हुई छह घटनाओं के बाद पुल पर निगरानी बढ़ाते हुए चार पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी में युवक के नदी में कूद जाने से सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर केवल जवानों की तैनाती पर्याप्त नहीं है। नदी में छलांग लगाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की जरूरत है। लोगों ने पुल पर सुरक्षा बढ़ाने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग की है।

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