युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी समय के साथ लगातार परिपक्व होते जा रहे हैं। टी20 क्रिकेट में धमाल मचाने के बाद सूर्यवंशी रेड बॉल क्रिकेट में भी अपनी धमक दिखाने चाहते हैं। इसी कड़ी में वे दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेल रहे हैं, जो फाइनल में साउथ जोन का सामना कर रही है। बल्ले से सूर्यवंशी ने मैच में 44 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली।
वैभव सूर्यवंशी ने डीआरएस में निभाया रोल
ईस्ट जोन ने पहले बैटिंग करते हुए 708 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था। इतने बड़े स्कोर के जवाब में साउथ जोन की टीम शुरू से ही दबाव में थी और ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने कमाल की बॉलिंग शुरू कर दी। मैच के छठे ओवर में मुकेश कुमार गेंदबाजी करने के लिए आए और साउथ जोन के लिए रिकी भुई बैटिंग कर रहे थे। ओवर की दूसरी गेंद पर भुई के बल्ले का किनारा लगा।
विकेटकीपिंग कर रहे कुमार कुशाग्र और सूर्यवंशी को ये आवाज सुनाई दी। हालांकि, अंपायर ने उन्हें आउट करार नहीं दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर कप्तान ईशान किशन को रिव्यू के लिए राजी कर लिया। रिव्यू के बाद पता चला कि गेंद का बल्ले से संपर्क हुआ था। अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और भुई मैदान के बाहर चले गए। स्टंप माइक में भी वैभव को कहते हुए सुना गया कि “ले लो, ले लो।”
सूर्यवंशी ने सेमीफाइनल में भी लिया था डीआरएस
सेंट्रल जोन के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भी सूर्यवंशी ने एक रिव्यू लिया था, जिसकी खूब चर्चा हुई थी। उस मुकाबले में नियमित कप्तान ईशान किशन किसी कारण से मैदान के बाहर चले गए थे। उप-कप्तान होने के नाते सूर्यवंशी ने कप्तानी संभाली। इस दौरान उन्होंने आर्यन जुएल के आउट होने में अहम भूमिका निभाई। जुएल के बल्ले से गेंद लगते हुए विकेटकीपर कुशाग्र के हाथों में गई लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने रिव्यू लिया और अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

