कानपुर कारोबारी हत्याकांड: CCTV की निगरानी में कैद थी बहू, मनपसंद कपड़ों तक पर रोक… सुपारी देकर नौकर से ससुर को मरवा डाला
दवा कारोबारी विपिन मिनोचा हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कारोबारी की बहू शालू ने ही पूर्व नौकर विशाल गौतम को छह लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई। जांच में सामने आया कि शालू ने विशाल से कहा था कि अगर पकड़े जाओ तो उसका नहीं, बल्कि उसके पति सुब्रत का नाम लेना। पूछताछ में बहू ने बताया कि ससुर ने निगरानी के लिए सीसी कैमरे लगवाए थे। इससे परेशान होकर साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, हत्या की जानकारी कारोबारी के बेटे सुब्रत को भी थी। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस दोनों हत्यारोपितों के साथ शालू को भी जेल भेजने की तैयारी कर रही है। पूछताछ में शालू ने पुलिस को बताया कि उसके ससुर घर में उसे स्वतंत्रता से रहने नहीं देते थे। पूरे घर में सीसी कैमरे लगे थे और उसके आने-जाने पर नजर रखी जाती थी।
शालू ने बताया कि वह अपनी मर्जी के कपड़े तक नहीं पहन पाती थी। छोटी-छोटी बातों पर टोकाटाकी से वह परेशान थी। उसका आरोप है कि विपिन पूर्व नौकर विशाल को दोबारा नौकरी पर रखने के लिए भी तैयार नहीं थे। इसी वजह से हत्या की साजिश रची।
कल्याणपुर में हत्यारोपित विशाल गौतम और राज किशोर। जागरण
पुलिस के मुताबिक, शालू ने ही विशाल को घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाकर दी थी। करीब 15 दिन पहले सुब्रत और शालू विशाल को कार से परेड क्षेत्र लेकर गए थे। वहां शालू उसके साथ पैदल खरीदारी करने गई। इसके बाद वे गुमटी पहुंचे, जहां घर के दरवाजे की डुप्लीकेट चाबी बनवाई गई।
पहले तकिया से मुंह दबाकर मार डालने की थी साजिश
विशाल ने पूछताछ में बताया कि पहले कारोबारी की सोते समय तकिया से मुंह दबाकर हत्या करने की योजना थी, ताकि मौत हार्ट अटैक जैसी लगे। लेकिन वारदात की रात वह और उसका साथी राजकिशोर कारोबारी के बेटे के बेडरूम में छिपे थे।
राजकिशोर ने हाथ पकड़ा और विशाल से चाकू से गोद दिया
दवा कारोबारी विपिन वहां पहुंचे और लाइट जलाते ही दोनों सामने आ गए। राजकिशोर ने उनका हाथ पकड़ा और विशाल ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद विशाल को रविवार को दो लाख रुपये और 15 दिन बाद चार लाख रुपये देने की बात तय हुई थी।
कारोबारी के बेटे ने नौकर को पहचानने से इन्कार कर दिया था
घटना से पहले शालू ने गार्ड को विशाल का नाम ‘शुभम’ बताकर लिखवाया था, लेकिन वारदात वाली रात उसकी एंट्री रजिस्टर में न करने के लिए कहा था। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद जब पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत को विशाल की फुटेज दिखाई तो उसने उसे पहचानने से इन्कार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत विशाल को अच्छी तरह जानता था और पहले दो बार उसकी नौकरी भी लगवा चुका था। विशाल का खर्च भी करीब पांच साल से सुब्रत ही उठा रहा था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

