बाढ़ ने छीना घर, ट्रेनों ने नींद; मुंगेर में रेलवे ट्रेक के किनारे रहने को मजबूर पीड़ित
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने नीरपुर पंचायत के लालजी टोला के लोगों से घर का सुकून छीन लिया है। बाढ़ का पानी घरों के आसपास पहुंचने के बाद कई परिवार सुरक्षित स्थान की तलाश में बरियारपुर- कल्याणपुर के बीच रेल ट्रैक के किनारे शरण लेने को मजबूर हैं।
लोगों का कहना है कि घर छोड़ना मजबूरी थी। गंगा का पानी जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसमें घर के अंदर रहना खतरे से खाली नहीं था। रेल ट्रैक के किनारे प्लास्टिक और तिरपाल के सहारे परिवारों ने अस्थायी ठिकाना बना लिया है।
लालजी टोला के लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि आखिर कब तक इसी तरह रहना पड़ेगा। बाढ़ ने घर की चारदीवारी तो छीन ही ली, अब रेल की पटरियों के किनारे गुजरती हर ट्रेन उन्हें रातभर यह एहसास कराती है कि उनका अपना घर उनसे कितनी दूर छूट गया है। ग्रामीण सुरक्षित ठिकाने, भोजन, पेयजल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

