अगर आपकी गाड़ी का चालान कट गया है, तो अब आपको कोर्ट के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए चालान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब वाहन चालक घर बैठे ही अपने मोबाइल से नेक्स्ट जेन एम परिवहन एप के जरिये आसानी से चालान का भुगतान कर सकेंगे।
कई बार तकनीकी खामी या गलतफहमी की वजह से वाहन चालकों का गलत चालान कट जाता है। नए नियमों के अनुसार, यदि आपको लगता है कि आपका चालान गलत काटा गया है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है।
लेकिन यदि कमेटी आपकी शिकायत को खारिज कर देती है और चालान को सही मानती है, तो चालक को फैसला आने के 30 दिनों के भीतर हर हाल में जुर्माने की राशि जमा करनी होगी।
संतुष्ट न होने पर जा सकेंगे कोर्ट
अगर कोई वाहन चालक पुलिस कमेटी के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है और मामले को कोर्ट में ले जाना चाहता है, तो इसके लिए भी नया प्रविधान बनाया गया है। अब सीधे कोर्ट जाने के बजाय चालक को पहले कुल जुर्माना राशि का 50 प्रतिशत पैसा अग्रिम तौर पर जमा करवाना होगा। यह राशि जमा होने के बाद ही मामला अदालत के समक्ष सुनवाई के लिए जाएगा।
अटैच होते रहेंगे चालान
नए ट्रैफिक नियमों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब चालान सीधे कोर्ट नहीं जाएंगे। समय पर भुगतान न करने पर चालान सीधे वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) से लिंक यानी अटैच होते रहेंगे। इसका असर यह होगा कि जब तक आप पुराने सभी चालानों का भुगतान नहीं कर देते, तब तक आप अपनी गाड़ी को न तो बेच पाएंगे और न ही एनओसी या अन्य आरसी संबंधी कार्य करवा सकेंगे।
इस नई व्यवस्था से जहां लोगों का समय और पैसा बचेगा, वहीं यातायात व्यवस्था में सुधार और चालान निपटान प्रक्रिया में तेजी आएगी। कोर्ट को बोझ भी कम होगा।
अब वाहन चालान भुगतान के लिए कोर्ट नहीं जाना होगा न ही चालान सीधे कोर्ट जाएंगे। नेक्स्ट जेन एम परिवहन एप पर चालान दिखेगा भी और भुगतान भी कर सकेंगे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

