इंश्योरेंस पॉलिसी से लेकर क्लेम तक… अब एक ही जगह मिलेंगी सभी पॉलिसियों की जानकारी, क्या है IRDAI का नया प्लान?
बीमा सेक्टर को पूरी तरह बदलने और ग्राहकों की सहूलियत बढ़ाने के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटर ‘इरडा’ ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। इरडा ने देश में ‘पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री’बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद ग्राहकों को अलग-अलग जगह अपनी बीमा पॉलिसियों का रिकॉर्ड संभालने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
आम ग्राहक को इससे क्या-क्या फायदे होंगे?
इस बात को ऐसे समझिए कि ग्राहक आसानी से अपनी सभी पॉलिसियों को एक ही जगह देख सकेंगे और अपने दावों को ट्रैक कर पाएंगे। अलग-अलग कंपनियों या कामों के लिए बार-बार अपनी निजी और पुरानी जानकारी देने की जरूरत कम हो जाएगी।
इसके अलावा कई बार लोगों के बीमा के पैसे बिना दावे के पड़े रह जाते हैं, इस सिस्टम से ऐसे भूले-बिसरे और अनक्लेम्ड पैसों का पता लगाना आसान होगा।
रजिस्ट्री में कौन-कौन सी जानकारियां जोड़ी जाएंगी?
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बीमा से जुड़ा लगभग पूरा कच्चा-चिट्ठा उपलब्ध होगा, जिसमें मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं।
- पॉलिसी का विवरण, प्रीमियम की रकम, कवर और उसके मिलने वाले फायदे।
- क्लेम का इतिहास और यदि कोई शिकायत दर्ज कराई गई हो तो उसकी जानकारी।
- पॉलिसी बेचने वाले एजेंट या मध्यस्थ की डिटेल।
- इसके अलावा, पॉलिसीधारक की पहचान से जुड़ा डेटा भी इसमें रहेगा।
क्या आपका सारा डेटा किसी एक जगह चुराया या स्टोर किया जाएगा?
इस नए बदलाव के बाद लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि क्या सभी कंपनियों का डेटा किसी एक बड़ी कंपनी या सर्वर पर जमा हो जाएगा? इसका जवाब है नहीं।
इस बात को ऐसे समझिए कि मूल रिकॉर्ड उसी बीमा कंपनी या संस्था के पास सुरक्षित रहेगा जिसने उसे जारी किया है। यह सिस्टम केवल एक डिजिटल सेतु की तरह काम करेगा जो जरूरत पड़ने पर जानकारी को आपस में जोड़ेगा।
क्या दूसरी बीमा कंपनी आपकी पुरानी हिस्ट्री देख सकेगी?
हां इस बदलाव के बाद दूसरी बीमा कंपनी आपकी पुरानी हिस्ट्री देख सकती है, लेकिन आपकी मर्जी से। इस बात को ऐसे समझिए कि मान लीजिए आप किसी नई कंपनी से बीमा ले रहे हैं, तो वह कंपनी आपकी पुरानी पॉलिसी या क्लेम हिस्ट्री देख सकती है, लेकिन इसके लिए आपकी साफ सहमति होना जरूरी है। बिना आपकी इजाजत कोई आपका डेटा नहीं देख पाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

