राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को उच्च सदन के कुछ नवनिर्वाचित सदस्यों को विभिन्न संसदीय समितियों में नियुक्त किया।
राधाकृष्णन ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कुछ संसदीय समितियों के अध्यक्षों को सामान्य प्रयोजन समिति के लिए नामित किया।
इस समिति का काम सदन के कामकाज से जुड़े उन मामलों पर विचार करना और सलाह देना है, जिन्हें समय-समय पर सभापति इसके पास भेजते हैं। इस समिति के अध्यक्ष खुद राधाकृष्णन हैं।
सामान्य प्रयोजन समिति में सभापति, उपसभापति, उपसभापतियों के पैनल के सदस्य, राज्यसभा की सभी संसदीय स्थायी समितियों के अध्यक्ष, राज्यसभा में मान्यता प्राप्त दलों और समूहों के नेता तथा सभापति द्वारा नामित किए गए अन्य सदस्य शामिल होते हैं।
सभापति ने खरगे के अलावा उपसभापतियों के पैनल में शामिल एम. थंबी दुरई (अन्नाद्रमुक) को भी समिति के लिए नामित किया।
संसदीय स्थायी समितियों के अध्यक्षों में से मुकुल वासनिक (कांग्रेस), तिरुचि शिवा (द्रमुक), मेधा विश्राम कुलकर्णी (भाजपा), के. लक्ष्मण (भाजपा), राघव चड्ढा (भाजपा) और रंजीत रंजन (कांग्रेस) को भी सामान्य प्रयोजन समिति में शामिल किया गया है।
मान्यता प्राप्त दलों के नेताओं में से मानस रंजन मंगराज (बीजद) को तथा अन्य सदस्यों के रूप में सना सतीश बाबू (तेदेपा) और राजीव शुक्ला (कांग्रेस) को नामित किया गया है। सभापति ने सना सतीश बाबू को कार्य मंत्रणा समिति के लिए नामित किया।
राधाकृष्णन ने एस. कल्याणसुंदरम (द्रमुक), मस्तान राव यादव बीदा (तेदेपा) और एलके सुदीश (डीएमडीके) को सदन समिति के लिए नामित किया।
इसके अलावा हरीस बीरन (आइयूएमएल) और राजीव शुक्ला को सरकारी आश्वासन समिति में और सुष्मिता देव (भाजपा), चुन्नीलाल गरासिया (भाजपा), स्वाति मालीवाल (भाजपा), हर्ष महाजन (भाजपा), नीरज डांगी (कांग्रेस) और आइएस इंबादुरई (अन्नाद्रमुक) को अधीनस्थ विधान समिति के लिए नामित किया गया।
इसके अलावा लक्ष्मीकांत बाजपेयी (भाजपा) और सुखेंदु शेखर रे (भाजपा) को नियम समिति में तथा तरुण चुघ (भाजपा), मिथिलेश कुमार (भाजपा), भीम सिंह (भाजपा), अखिलेश प्रसाद सिंह (कांग्रेस) और तिरुचि शिवा को राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति में नामित किया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

