केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर उन केंद्रीय मंत्रियों की चर्चा तेज हो गई है, जिन्होंने विवादों के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया। वर्ष 2018 में एमजे अकबर के इस्तीफे के बाद यह आठ वर्षों में दूसरी ऐसी घटना मानी जा रही है, जब किसी केंद्रीय मंत्री ने विवाद के बीच पद छोड़ा है।
एमजे अकबर ने वर्ष 2018 में अपने ऊपर लगे आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में दोनों मामलों की तुलना की जा रही है और इसे जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विभिन्न राजनीतिक दल इस फैसले को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं और इसे लेकर बयानबाजी का दौर भी जारी है।
इस घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार के सामने आगे की रणनीति और मंत्रालय में नए नेतृत्व को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब सरकार के अगले फैसलों पर टिकी हुई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

