सतना-चित्रकूट में फिर आफत की वर्षा: मंदाकिनी उफान पर, रामघाट में दुकानें डूबीं; 40 से ज्यादा गांवों में अलर्ट

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 सतना जिले में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। मंगलवार तड़के से जारी बारिश के बीच जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी हाई फ्लड लेवल के बेहद करीब पहुंच गई है, जबकि सिमरावल नदी में बढ़ती जल आवक को देखते हुए रामपुर बघेलान और कोटर तहसील के नदी किनारे बसे 40 से अधिक गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले के प्रशासनिक अमले और राहत एवं आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में पानी बढ़ने की आशंका के बीच प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

निचले इलाकों से लोगों की शिफ्टिंग शुरू

जैतवारा के वार्ड नंबर-7 में कुछ घर खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रगोली के निचले इलाकों से भी लोगों को एहतियातन बाहर निकाला गया है। सोहास में ग्रामीणों को जरूरी सामान के साथ ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

लगातार बारिश के कारण चित्रकूट तहसील मार्ग की सड़क भी क्षतिग्रस्त होकर टूट गई है। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। बारिश जारी रहने से सड़क की स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।

मंदाकिनी का रौद्र रूप

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। सुबह 6 बजे आरोग्यधाम के पास नदी का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां हाई फ्लड लेवल 139.60 मीटर है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और प्रशासन हर घंटे गेज रिपोर्ट ले रहा है।

लगातार जलस्तर बढ़ने से रामघाट की कई दुकानें दोबारा पानी में डूब गईं। नदी किनारे रहने वाले परिवारों में भी दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

चित्रकूट में जल निकासी और सफाई का काम तेज

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने चित्रकूट में जल निकासी और साफ-सफाई का काम शुरू करा दिया है। चौबेपुर तालाब से पानी की निकासी कराई जा रही है। रामायणी कुटी के पास मुख्य सड़क के दोनों ओर जेसीबी और लेवलर की मदद से मिट्टी हटाई जा रही है। आसपास के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है।

टमस के 12 गेट खुले

टमस नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। वर्तमान जलस्तर 288.29 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का स्तर 289 मीटर है। पानी की आवक बढ़ने के कारण जलाशय के 12 गेट 0.75 मीटर तक खोले गए हैं। इनसे करीब 1338 क्यूमेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है।

प्रशासन टमस नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की लगातार निगरानी कर रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल मदद के लिए एसडीआरएफ की एक टीम बिरसिंहपुर में तैनात की गई है।

सिमरावल नदी किनारे बसे गांवों में विशेष निगरानी

सिमरावल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद रामपुर बघेलान और कोटर तहसील के तटीय गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।

अकाउना, अबेर, इतौर, बर्दाढीह, कोरगंवा, गजिगवां, गौरैया, ढोढी, भातिगवां, मैनपुरा, गोलहटा, गढ़वा कला, टेढ़गवां, रजरवार, किचवरया, खोहर, घटबेलवा, कितहा पेपखार, मांझीहार पेपखार, गढ़वा खुर्द, रघुनाथपुर, मढ़ी, सोनवर्षा, खामहा, रामनगर, कन्दवा, थथारा, माझीयार कोठार, पीपरक्षा, वनपरा, पिथेपुर, रेहुता, बरती, बेला और क्षिबौरा सहित आसपास के गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

इसके अलावा रघुराजनगर क्षेत्र के सुहास, रगोली, अमौधा, बाबूपुर, महदेवा, इटौरा, पोंडी, बकिया और सकरिया तथा नागौद क्षेत्र के जसईपुर, सिंहपुर तटीय क्षेत्र, रहिकवारा, अमकहा, गंज और पिपरी समेत नदी किनारे बसे गांवों को भी अलर्ट किया गया है।

 

100 लोगों के लिए आश्रय स्थल तैयार, छह टैक्सियां रिजर्व

संभावित बाढ़ से निपटने के लिए चित्रकूट में वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तैयार कर ली गई हैं। वन देवी आश्रम के दो हॉल खुलवाए गए हैं, जहां करीब 100 लोगों को ठहराया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छह टैक्सियां रिजर्व रखी गई हैं।

प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार भ्रमण कर रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निचले क्षेत्रों में पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।

सामान्य से 151.8 मिमी ज्यादा बारिश

जिले में इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा भी सामान्य से काफी अधिक है। 1 जून से 31 अगस्त तक सतना जिले में औसतन 1043.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 891.7 मिमी है। इस तरह जिले में अब तक सामान्य से 151.8 मिमी अधिक वर्षा हो चुकी है।

31 अगस्त को जिले में औसतन 23.8 मिमी बारिश हुई। सोहावल में 37 मिमी, बिरसिंहपुर में 35 मिमी, बरौंधा में 27 मिमी और रामपुर बघेलान में 27.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे पहले 29 अगस्त को जिले में औसत 73.6 मिमी वर्षा हुई थी।

शिक्षकों को दी राहत

अतिवृष्टि, जलभराव और बाढ़ के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाने वाले शिक्षकों को भी राहत दी गई है। यदि कोई शिक्षक बाढ़ की वजह से स्कूल नहीं पहुंच पाता है और संकुल प्राचार्य इसकी पुष्टि कर देते हैं, तो संबंधित शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा।

कलेक्टर की अपील

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने लोगों से अपील की है कि बढ़ते नदी-नालों के जलस्तर को देखते हुए किसी तरह का जोखिम न उठाएं। बहते पानी में पैदल या वाहन से नदी-नाला पार करने की कोशिश न करें। पुल, पुलिया या रपट के ऊपर से पानी बह रहा हो तो उसे पार न करें और प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड या अवरोध को हटाकर आगे न बढ़ें।

जर्जर और क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले परिवार विशेष सावधानी बरतें। तेज बारिश के दौरान बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दें और केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

24 घंटे सक्रिय है बाढ़ कंट्रोल रूम

जिला बाढ़ कंट्रोल रूम: 07672-223211
आपातकालीन संपर्क: 9993754244 / 9425520172

प्रशासन ने लोगों से साफ कहा है कि पानी बढ़ने का इंतजार न करें। खतरा महसूस होने पर समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं।

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