योगनगरी ऋषिकेश यार्ड में उज्जैन एक्सप्रेस की तीन बोगियां पटरी से उतरकर पलटने के मामले में रेलवे प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। घटना के बाद अधिकारियों की समिति गठित कर दी गई है,प्रथम दृष्टया शंटिंग के दौरान किन कारणों से हादसा हुआ, यह पता जांच कमेटी लगाकर रिपोर्ट तैयार करेगी।
जांच में पूछताछ के लिए प्वाइंट्समैन समेत कई कर्मचारियों को तलब किया गया है। इन कर्मचारियों से बुधवार को पूछताछ होने की संभावना है। समिति रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करेगी।
सोमवार रात करीब 9:30 बजे यार्ड में शंटिंग के दौरान इंजन के पीछे लगे तीन डिब्बे डेड लाइन में प्रवेश करते समय पटरी से उतरकर एक ओर पलट गए थे।
हादसे की सूचना मिलते ही विनीता श्रीवास्तव, सीनियर डीओएम आदित्य गुप्ता और सीनियर डीसीएम महेश यादव समेत मंडल के अधिकारी रात में ही हरिद्वार पहुंच गए थे। मंगलवार को भी अधिकारियों ने पूरे दिन मौके पर डेरा डालकर राहत और जांच कार्य की निगरानी की।
हादसे के बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने मंगलवार सुबह से क्षतिग्रस्त कोच हटाने का काम शुरू किया। दोपहर करीब 12 बजे के बीच यार्ड पूरी तरह साफ कर दिया गया। लेकिन, यार्ड में इस हादसे से ट्रेनों के संचालन पर असर नहीं पड़ा। केवल उज्जैन एक्सप्रेस को 4.45 घंटे देरी से रवाना किया गया।
ट्रेन का नियमित प्रस्थान समय सुबह 6:15 बजे है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार हादसा यार्ड के भीतर होने से मुख्य लाइन प्रभावित नहीं हुई, इसलिए अन्य ट्रेनों का संचालन सामान्य रहा। लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर भी सुरक्षित हैं। कुछ यात्रियों ने देरी के कारण टिकट निरस्त कराए, हालांकि बड़ी संख्या में यात्री बाद में ट्रेन से रवाना हुए।


