सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने अपने पूरे क्षेत्राधिकार में भवनों का सर्वे शुरू कर दिया है।
इस सर्वे के तहत भवनों के मानचित्र (नक्शे) और उनके वास्तविक उपयोग की जानकारी एकत्र की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप है या नहीं। या फिर वास्तविक भूउपयोग का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन से चार महीने का समय लग सकता है। सर्वे के दौरान भवनों के नक्शे की स्वीकृति, निर्माण की वास्तविक स्थिति और भू-उपयोग जैसे बिंदुओं की जांच की जा रही है। इससे यह स्पष्ट होगा कि किन भवनों में स्वीकृत नक्शे से हटकर अतिरिक्त या अवैध निर्माण किया गया है।सर्वे पूरा होने के बाद ऐसे भवनों को चिह्नित कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। इसके अंतर्गत अलग-अलग जोन में कर्मचारी अपने अनुसार सर्वे कर रहे हैं। अभी तक दिल्ली रोड, बागपत रोड, गंगानगर, मोदीपुरम क्षेत्र, सिविल लाइंस

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

