सावधान! दिल्ली में वाट्सएप पर बैंक ID भेजकर लगाते थे चूना, 43 महिलाओं समेत 83 पकड़े गए

3.0kViews
1418 Shares

द्वारका के उत्तम नगर क्षेत्र में फर्जी एक्सिस बैंक विजिटिंग कार्ड दिखाकर लोगों को क्रेडिट कार्ड बेचने वाले एक गिरोह की सच्चाई सामने आई है। राजस्थान पुलिस की साइबर टीम ने दिल्ली पुलिस की तकनीकी सहायता से उत्तम नगर स्थित आनंद एंटरप्राइजेस नाम के एक कार्यालय पर छापेमारी कर 43 महिलाओं सहित कुल 83 कर्मचारियों और ट्रेनिंग स्टाफ को हिरासत में लिया है।

उपयुक्त द्वारका कुशल पाल सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला राजस्थान के डीग जिले में दर्ज एक मामले से जुड़ा है। 20 अगस्त को एक्सिस बैंक डीग शाखा के प्रबंधक फूल सिंह ने साइबर थाना डीग में शिकायत दर्ज कराई थी।

वॉट्सऐप पर एक्सिस बैंक का विजिटिंग और आईडी कार्ड भेजा

शिकायत के मुताबिक, आजमगढ़ निवासी आकाश राठौर नाम के एक व्यक्ति ने किसी ग्राहक को एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा दिया था। जब ग्राहक ने पहचान-पत्र मांगा, तो आरोपित आकाश राठौर ने वट्सएप पर एक्सिस बैंक का विजिटिंग और आईडी कार्ड भेजा।

ग्राहक ने सत्यता जांचने के लिए कार्ड अपने एक परिचित बैंक कर्मचारी को भेजा, जिसने एक्सिस बैंक विजिलेंस से जांच कराई। विजिलेंस जांच में वह आईडी और विजिटिंग कार्ड पूरी तरह से फर्जी पाया गया। इसके बाद डीग साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

साइबर थाना डीग की टीम दिल्ली के उत्तम नगर थाने पहुंची

राजस्थान पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मुख्य आरोपित आकाश राठौर को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया। पूछताछ और निशानदेही पर राजस्थान पुलिस के उप-पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में साइबर थाना डीग की टीम दिल्ली के उत्तम नगर थाने पहुंची।

दिल्ली पुलिस के साइबर द्वारका और स्थानीय पुलिस स्टेशन उत्तम नगर की तकनीकी व जमीनी मदद से उत्तम नगर स्थित आनंद एंटरप्राइजेस नाम की इमारत पर छापा मारा गया। वहां से ऑफिस और ट्रेनिंग स्टाफ मिलाकर कुल 83 लोगों, जिसमें 43 महिलाएं शामिल हैं को हिरासत में लिया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि इस कार्यालय की संचालिका सलोनी मित्तल (47) है। उसने पूछताछ में दावा किया कि वह अपनी फर्म आनंद एंटरप्राइजेस को आर के पी एल सर्विसेज के साथ टाई-अप में चला रही थी, जिनका आगे एक्सिस बैंक के साथ क्रेडिट कार्ड सेवाओं के लिए समझौता था।

एक्सिस बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से क्रेडिट कार्ड जारी

वे अनुबंध करने वाली कंपनी से ग्राहकों का डेटा लेते थे और लोगों को क्रेडिट कार्ड बेचने के लिए संपर्क करते थे। जब कोई ग्राहक क्रेडिट कार्ड लेने के लिए सहमत होता था, तो वे एक्सिस बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से क्रेडिट कार्ड जारी करते थे। कॉलिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सिम कार्ड कॉलर्स के नाम पर ही पाए गए और वे फर्जी नहीं थे।

राजस्थान पुलिस हिरासत में लिए गए सभी 83 कर्मचारियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ डीग, राजस्थान ले गई है। राजस्थान पुलिस द्वारा इस बात की जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में किस कर्मचारी की क्या भूमिका और संलिप्तता थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *