Bihar Ganga Flood: खगड़िया में खतरे के निशान से 91 सेमी ऊपर गंगा, परबत्ता के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
खगड़िया जिले में गंगा नदी का जलस्तर स्थिर होने के बावजूद अब भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का संकट बरकरार है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-एक, खगड़िया द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की सुबह छह बजे खारा धार जलद्वार के पास गंगा का जलस्तर 34.98 मीटर दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों के दौरान नदी के जलस्तर में मात्र सात सेंटीमीटर की मामूली कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद गंगा अभी भी लाल निशान (खतरे के निशान) से 91 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
परबत्ता के इन गांवों और वार्डों में बढ़ा बाढ़ का प्रकोप
प्रखंड क्षेत्र के सौढ़ उत्तरी पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर-सात, कोरचक्का, कोरचक्का बाबा स्थान तथा सौढ़ दक्षिणी पंचायत के वार्ड नंबर-10, भरतखंड ड्योढ़ी और वार्ड नंबर-11 विकास नगर मुख्य रूप से बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
सौढ़ दक्षिणी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजेश मंडल ने बताया कि वार्ड नंबर-11 बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित है, जहां कई ग्रामीणों के घरों के आंगन और कमरों में पानी प्रवेश कर चुका है। हालांकि अब जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है, लेकिन क्षेत्र में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है और मवेशियों को बचाने के लिए चारे की भारी समस्या है।
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खगड़िया में गंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से 91 सेंटीमीटर ऊपर; 24 घंटे में जलस्तर में दर्ज हुई महज 7 सेमी की गिरावट
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परबत्ता प्रखंड के सौढ़ उत्तरी व दक्षिणी पंचायत के कई वार्ड और टोले बाढ़ के पानी से घिरे, घरों तक पहुंचा सैलाब
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पशुचारा और फसलें जलमग्न होने से किसान व पशुपालक बेहाल, मजदूरी ठप होने से ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी का संकट
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किसान मंच ने उठाई फसल क्षति मुआवजे और चारे की मांग; सीओ बोले- निचले इलाकों में कराई जा रही नाव की व्यवस्था
उन्होंने बताया कि अंचल प्रशासन द्वारा प्रभावित वार्ड नंबर-11 में अब तक मात्र एक सरकारी नाव उपलब्ध कराई गई है, जो नाकाफी है। बाढ़ पीड़ित मुरारी मुनि, बाटो मुनि, तेजो मुनि और राजो मुनि ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि मजदूरी बंद हो जाने और गांव के जलमग्न होने से घर का चूल्हा जलाना दूभर हो गया है।
किसानों को मुआवजा और पशुचारा देने की मांग
बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह टुडू ने परबत्ता के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर किसानों व पशुपालकों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि बाढ़ पीड़ितों के बीच अविलंब सूखा राशन व पशुपालकों के लिए पशुचारा का वितरण किया जाए। साथ ही डूबी हुई फसलों का शीघ्र सर्वेक्षण कराकर प्रभावित किसानों को उचित फसल क्षति मुआवजा दिया जाए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

