गाजियाबाद में वार्ड-46 स्थित मैनापुर गांव में प्राथमिक स्कूल के पास से गुजरने वाले मार्ग और गांव में बिजली घर के पास से प्रवेश करने वाले मुख्य रास्ते की स्थिति लम्बे समय से जस की तस बनी हुई है। दोनों रास्ते एक दम बदहाल अवस्था में है।
छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पाते
स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्कूल के पास करीब दो सौ मीटर और गांव के मुख्य मार्ग पर करीब आधा किलोमीटर हिस्से पर वर्षा के दिनों में स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ जाती है। रास्ता जलमग्न हो जाता है। छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।वहीं, सड़क टूटने के कारण दोपहिया वाहन चालक दोनों ही रास्तों पर हादसे का शिकार हो चुके हैं। लगातार जलभराव के कारण गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
टेंडर पास हो चुका
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क को पक्का कराने के लिए टेंडर पास हो चुका है। नारियल भी फोड़ा गया लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीण तीन माह पहले नगर निगम पहुंचकर सड़क की समस्या की शिकायत की थी।
ग्रामीणों की मांग है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना न करना पड़े। उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो नगर निगम के कार्यालय पर धरना देंगे।
सड़कें टूटी होने के कारण रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए आने-जाने में काफी परेशानी होती है। सड़कों पर हमेशा पानी जमा रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। – कृष्ण शर्मा, निवासी
इन सड़कों पर हमेशा कीचड़ बनी रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों को अकेले बाहर भेजने में डर लगता है, क्योंकि फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है। – प्रमोद त्यागी, निवासी
जब सड़क निर्माण का नक्शा पास हो चुका है, तो नगर निगम को जल्द से जल्द काम पूरा करना चाहिए। बारिश का बहाना बनाकर निर्माण कार्य को टालना उचित नहीं है। – पंकज गौड़, निवासी
सड़कों की खराब हालत के कारण छोटे बच्चे सुबह स्कूल जाने में भी परेशान होते हैं। वहीं, बुजुर्गों और महिलाओं को भी आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। – अमित त्यागी,

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

