भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ के तहत हरदोई में स्व-गणना अभियान की शुरुआत गुरुवार को स्वामी विवेकानंद सभागार से की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को डिजिटल जनगणना के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना से जोड़ना रहा।
जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यशाला में डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वयं स्व-गणना कर अभियान का शुभारंभ किया और लोगों से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अनुनय झा और अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) एवं जिला जनगणना अधिकारी प्रियंका सिंह के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर सवायजपुर विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह (रानू), बालामऊ विधायक राम पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा, नगर पालिका परिषद हरदोई अध्यक्ष मधुर मिश्र सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
देश की विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला है जनगणना
वक्ताओं ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या का आंकड़ा जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला है। सही और सटीक जानकारी मिलने से सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और अन्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकती है। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन से अपील की कि वे जनगणना कार्य में पूरा सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
जिलाधिकारी अनुनय झा ने कहा कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिसमें नागरिक स्वयं भी स्व-गणना कर सकेंगे। इससे डेटा की गुणवत्ता और गोपनीयता दोनों सुनिश्चित होंगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़े कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
स्व-गणना के लिए करें प्रेरित
अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रियंका सिंह ने जनगणना कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कर्मचारियों और आमजन को अधिक से अधिक स्व-गणना के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान में सहभागी बन सकते हैं। जिला जनगणना प्रभारी विनय कुमार वर्मा ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
उन्होंने बताया कि डिजिटल जनगणना से पारदर्शिता बढ़ेगी और आंकड़ों का संकलन अधिक सटीक एवं प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, समस्त अधिसूचित अधिकारी, चार्ज अधिकारी, फील्ड ट्रेनर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
ऐसे करें स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी
- सबसे पहले जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट सेल्फ एनुमरेशन पोर्टल खोलें।
- केंद्र शासित प्रदेश/राज्य के विकल्प में उत्तर प्रदेश का चयन करें।
- स्क्रीन पर दिखाई दे रहे कैप्चा कोड को भरें।
- मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें।
- परिवार प्रमुख का नाम और मोबाइल नंबर भरें।
- मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
- अपनी सुविधानुसार भाषा का चयन करें।
- इसके बाद पता संबंधी विवरण भरें – राज्य, जिला, गांव/शहर आदि की जानकारी दर्ज करें।
- मैप पर अपने घर की लोकेशन मार्क करें।
- परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज करें।
- इसके बाद घर, उपलब्ध सुविधाएं, परिवार के सदस्य, संपत्ति आदि से जुड़े कुल 33 प्रश्नों का उत्तर भरें।
- सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें।
- फॉर्म जमा होने के बाद आपको एक एसई आईडी प्राप्त होगी। इसे सुरक्षित रखें।
- जनगणना प्रगणक के घर आने पर केवल यही एसई आईडी दिखानी होगी


