‘चंद सेकेंड में बह गए पत्नी और बेटा’, नेपाल की बाढ़ में बचे व्यक्ति ने सुनाई खौफनाक दास्तान

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नेपाल में अचानक आई बाढ़ में सैकड़ों लोग लापता हो गए हैं, अब तक 175 लोगों के शव बरामद हो चुके और पूरे के पूरे गांव बह गए। बचाव टीमें लापता लोगों को खोजने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, नेपाल के तीन जिलों से गुजरने वाली भोटे कोशी नदी में यह बाढ़ बिना किसी चेतावनी के आई।

हालांकि घटना का सही क्रम अभी साफ नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अचानक आई बाढ़ तब शुरू हुई जब ग्लेशियर के ढहने से भोटे कोशी की सहायक नदी ल्हेन्डे का बहाव रुक गया। इससे पानी का स्तर अचानक बढ़ गया और बाढ़ का पानी सबसे पहले तिब्बत के साथ नेपाल की सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी के पास तिमुरे इलाके से टकराया।

राहत और बचाव कार्य मुश्किल हुआ

कुछ ही मिनटों में बाढ़ का पानी तेजी से नीचे की ओर बहने लगा और नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में कई बस्तियों को बहा ले गया। घरों, सड़कों, पुलों और सामुदायिक जगहों पर कई मीटर गाद जमा हो गई है, जिससे खोज और बचाव का काम मुश्किल हो गया है।

इलाके के वीडियो में घरों की कम से कम एक मंजिल गाद से ढकी हुई दिखाई दी। नुवाकोट के त्रिशूली बाजार में कपड़े की दुकान चलाने वाले एक स्थानीय व्यापारी ने बताया कि बाढ़ बहुत तेजी से आई और लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने के लिए ज्यादा समय नहीं मिला।

‘कुछ ही सेकेंडों में आ गई बाढ़’

बचे हुए व्यक्ति ने बताया, “सुबह प्रशासन के लोग आए और हमें बताया कि तिब्बत की तरफ भोटे कोशी नदी पर बना बांध टूट गया है और भारी मात्रा में पानी हमारी तरफ आ रहा है। हमें ऊंचे इलाकों की तरफ भागने के लिए कहा गया।” उन्होंने आगे कहा कि बहुत कम लोग ही समय पर सुरक्षित जगह पहुंच पाए, क्योंकि बाढ़ ने कुछ ही सेकंडों में कई लोगों को बहा दिया। उन्होंने आगे कहा कि उनका 18 साल का बेटा और पत्नी भी लापता हैं।

बाढ़ को लेकर नहीं दी गई चेतावनी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाढ़ बिना किसी चेतावनी के आई। उस दिन इलाके में बारिश की कोई खबर नहीं थी और लोग अपने रोजमर्रा के कामों में लगे हुए थे, तभी अचानक पानी की एक विशाल लहर ने इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।

जमीन हिलती हुई और धुएं का गुबार दिखा

रसुवा में कस्टम्स के मुख्य अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि उन्हें जमीन हिलती हुई महसूस हुई और वे बाहर भागे। वहां उन्होंने देखा कि ऊपर की तरफ से पानी की एक विशाल लहर, जिसके पीछे धुएं का गुबार जैसा कुछ दिख रहा थाॉ टिमुरे बाजार की ओर तेजी से बढ़ रही थी।

जब आपदा का दायरा साफ हुआ तो ढुंगाना और दर्जनों अन्य लोग पास के जंगल में भाग गए। कस्टम चेकपॉइंट पर इंतजार कर रहे 300 से ज्यादा वाहन और ट्रक बह गए। नेपाल ने बताया कि इस त्रासदी में कम से कम 175 लोगों की मौत हुई है और विनाशकारी बाढ़ के बाद 823 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

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