आपकी जमीन का खेसरा, रकबा और स्वामित्व अभिलेख में सही दर्ज है या नहीं, इसकी जांच अब शुरू होने जा रही है। विशेष भूमि सर्वेक्षण के तहत 31 अगस्त से रतनपुर अभिमान राजस्व ग्राम में खेसरा नंबर एक से क्रमवार प्लाट सत्यापन किया जाएगा।
ग्राम सभा में दी गई जानकारी
रतनपुर पंचायत भवन परिसर में बुधवार को बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यक्रम के तहत ग्राम सभा आयोजित की गई। अध्यक्षता उपमुखिया कन्हैया कुमार झा ने की। इसमें ग्रामीणों को विशेष भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया, प्लाट सत्यापन और जमीन से संबंधित जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी गई।
31 से खेसरा वार सत्यापन
सर्वेक्षण कार्य में लगे अमीन गोपाल कुमार ने बताया कि 31 अगस्त से खेसरा नंबर एक से किश्तवार प्लाट वेरिफिकेशन शुरू किया जाएगा। संबंधित खेसरा के जमीन मालिकों को सत्यापन के समय अपनी भूमि से जुड़े दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहना होगा। उन्होंने ग्रामीणों से पहले से कागजात तैयार रखने की अपील की।
ये कागजात रखें साथ
जमीन मालिकों को खतियान, अद्यतन राजस्व रसीद और एलपीसी सहित उपलब्ध अन्य संबंधित दस्तावेज साथ लाने होंगे। इन कागजात के आधार पर भूमि और स्वामित्व से जुड़े विवरण का सत्यापन किया जाएगा। पुश्तैनी या पैतृक जमीन के मामले में रैयतों को वंशावली, खतियान और राजस्व रसीद प्रस्तुत करनी होगी।
विवाद या कमी हो तो दें सूचना
अमीन ने ग्रामीणों को सलाह दी कि अपने भूखंड से जुड़े दस्तावेजों की पहले ही जांच कर लें। कागजात में किसी प्रकार की कमी या जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद है तो समय रहते संबंधित कर्मियों को इसकी जानकारी दें। निर्धारित क्रम के अनुसार सत्यापन कार्य में सहयोग करने की अपील भी की गई।
अभिलेख में दर्ज होगा जमीन का पूरा ब्योरा
ग्राम सभा में बताया गया कि विशेष सर्वेक्षण का उद्देश्य भूमि के वास्तविक स्वरूप और स्वामित्व संबंधी विवरण को नए अभिलेख में दर्ज करना है। इसमें रैयत का नाम, खेसरा, रकबा और जमीन के स्वामित्व से जुड़े विवरण शामिल किए जाएंगे।
इससे भविष्य में भूमि संबंधी विवादों के निपटारे में भी मदद मिलेगी। मौके पर पूर्व मुखिया गोपी कृष्ण ठाकुर, सरपंच पति नवीन कुमार ठाकुर सहित सभी वार्ड सदस्य और पंच मौजूद थे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

