सीतापुर निवासी दो बच्चियों के जन्म के समय से ही गुदाद्वार नहीं थे, जिस कारण वे असहनीय पीड़ा से गुजर रही थीं। छह व सात माह तक दोनों योनि मार्ग से ही मल त्याग कर रही थीं। ऐसे में बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सक ने जटिल शल्य चिकित्सा से उन्हें नया जीवन दिया।
उनकी स्थिति में भी सुधार हो रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने कहा कि बलरामपुर अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा जटिल मामलों का सफल उपचार किया जा रहा है। उनकी वर्तमान स्थिति संतोषजनक है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
सर्जरी करने वाली टीम
इस सर्जरी में डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. महेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. एसए मिर्जा एवं एनेस्थीसिया टीम, निर्मला मिश्रा (सिस्टर इंचार्ज), उर्मिला सिंह, सीमा शुक्ला, अंजना सिंह, कृष्ण तथा ओटी असिस्टेंट राजू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

