‘गिफ्ट नहीं लाए तो राज खोल दूंगी’, कोई 9 तो किसी एक्टर को 15 बहनें बांधती हैं राखी, सुनाए कई अनसुने किस्से

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 त्योहारों की सबसे ज्यादा उत्सुकता बचपन में ही देखने को मिलती है। सुबह-सुबह जल्दी उठना और फिर तैयारी में लग जाना। रक्षाबंधन को लेकर सिनेमा जगत के बाल कलाकारों में भी खूब उत्साह दिखता है। किसी ने पहले से गिफ्ट तैयार कर रखा है, तो किसी ने पढ़ाई एडवांस में कर रखी है। ऐसे ही कुछ नन्हें सितारे बता रहे हैं कि उनके लिए क्यों खास है यह त्योहार।

बहनों से मुझे भी मिलता है गिफ्ट : विहान शेडगे
फिल्म हनुमान अंश में बाल महाराज जी की भूमिका में नजर आए विहान शेडगे आठवीं कक्षा में पढ़ते हैं। वह बताते हैं, ‘मेरी कोई सगी बहन नहीं है, लेकिन 10-15 चचेरी बहनें हैं। उनके लिए मैं हर रक्षाबंधन पर गिफ्ट लाता हूं। मेरी बहनें भी हर बार मुझे कुछ न कुछ गिफ्ट देती हैं। रक्षाबंधन के दिन मैं जल्दी उठ जाता हूं, फिर तैयार होकर पहले चचेरी बहनों से राखी बंधवाता हूं। उसके बाद मम्मी के साथ मामा के यहां जाता हूं और वहां की बहनों से राखी बंधवाता हूं। दिन भर इतना ज्यादा थक जाता हूं कि उस दिन मामा के घर ही रुक जाता हूं।रक्षाबंधन के दिन मैं नए कपड़े ही पहनता हूं। ज्यादातर टी शर्ट और पैंट ही पहनता हूं, जिनमें मैं सहज रहूं। वैसे तो मेरी बहनें मेरे लिए अलग-अलग किस्म की मिठाइयां लाती हैं, लेकिन मुझे काजू कतली सबसे ज्यादा पसंद है। रक्षाबंधन पर पूरा परिवार एक साथ आता है, हम सभी भाई बहन एक साथ मिलते हैं तो मजा आता है। पहले मुझे डोरीमोन (कार्टून) के डिजाइन वाली लाइट लगी राखी बहुत पसंद आती थी। मेरी बहनें मुझे वही बांधती थी।

हालांकि, वो पहनने में सहज नहीं होती हैं। अब मैं थोड़ा बड़ा हो गया हूं, तो अब वो राखी बांधता हूं, जो धागों में मोती पिरोकर बनाई जाती हैं। पिछली बार मेरी एक बहन ने ऐसी राखी बनावाई थी, जिसमें मेरा नाम लिखा था। वह मेरे लिए सबसे यादगार राखी है।’

नौ बहनों से राखी बंधवाने के लिए पहले ही कर लेते हैं पढ़ाई पूरी

द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो फिल्म के बाल कलाकार मिहिर गोडबोले दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वह बताते हैं, ‘दसवीं की तैयारी के साथ मैं त्योहारों के लिए भी पूरा समय निकाल लेता हूं। रक्षाबंधन पर मेरा पूरा दिन अपनी नौ चचेरी बहनों से राखी बंधवाने में चला जाएगा। इसलिए मैंने पहले ही अपनी पढाई कर ली है, ताकि कोई दिक्कत न हो। हर साल सारी बहनें किसी एक के घर पर जमा होती हैं और फिर सारे तोहफे लेकर मैं वहां जाता हूं। पूरा दिन हमारा हंसी-मजाक में चला जाता है।

हममें से कोई कितना भी बुरा जोक क्यों ना मारे, सब हंसते हैं। मेरी बहनों में कुछ हमउम्र हैं, कुछ बड़ी हैं, तो कुछ छोटी। बड़ी बहनें मेरा ध्यान रखती हैं, जो छोटी हैं, उनका ख्याल मैं रखता हूं। मैं सबसे पूछकर ही उनके लिए तोहफे खुद खरीदता हूं। मम्मी साथ होती हैं, कई बार मैं डबल गिफ्ट ले लेता हूं। कुछ अपने लिए भी रख लेता हूं, क्योंकि उस दिन मुझे गिफ्ट नहीं मिलता है।

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