रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही राजधानी के बाजार राखियों की रंग-बिरंगी रौनक से गुलजार हो गए हैं। अपर बाजार से लेकर मेन रोड, हरमू और कोकर तक राखियों की दुकानों पर खरीदारों की आवाजाही बढ़ गई है।
वहीं सूर्य के आकार में चमकदार नग से तैयार राखियां और नग से बने मोर डिजाइन भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उन्होंने राखी बाजार करीब चार लाख रुपये का है और इस बार अच्छे कारोबार अब कर हुई है। सावन की अंतिम सोमवारी के बाद राखी खरीदारों की संख्या बढ़ी हैं।
मोतियों और चांदी के वर्क से सजी राखियां भी पसंद की जा रही हैं, जिनकी कीमत करीब 399 रुपये से शुरू है। वहीं भगवान की आकृति वाली धागे की राखियां करीब 180 रुपये से उपलब्ध हैं। ओम, श्रीराम, गणेश, महाकाल और सूर्य की आकृति वाली राखियां भी ग्राहकों का ध्यान खींच रही हैं।
वहीं दूसरी ओर चांदी की कस्टमाइज्ड राखियों का भी क्रेज बढ़ा है। राखी बाजार में इस बार चांदी की कस्टमाइज्ड राखियां भी बहनों की पसंद बन रही हैं। राखी की चांदी को एक ब्रेसलेट की तरह भी उपयोग किया जा सकता हैं। बहने अपने भाईयों के लिए चांदी की राखी खरीद रही हैं। ऐसी राखी जिसे भाई रक्षाबंधन के बाद भी इन्हें संभालकर रख सेक। इनकी कीमत करीब 1000 से 7000 रुपये तक है।
ज्वेलरी विक्रेता अनु कुमार के अनुसार, इस बार कस्टमाइज्ड राखियों के कई आर्डर मिल रहे हैं। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार मोर, ओम, भगवान गणेश, महाकाल, श्रीकृष्ण, श्रीराम और खाटू श्याम की आकृति वाली राखियां तैयार करा रहे हैं। चांदी और सोने में तैयार होने वाली इन राखियों में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक डिजाइन का मेल देखने को मिल रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

