12000 करोड़ की गंगा-नारायणी परियोजना को बिहार कैबिनेट की मंजूरी, 163 KM में बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर

 बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूती देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी की पहल पर राज्य कैबिनेट (Bihar Cabinet Decision) ने गंगा एवं नारायणी पथवे परियोजना को मंजूरी दे दी है।

करीब 163.51 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग ₹12,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

परियोजना के तहत सारण जिले के दरिहरा से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक 73.51 किलोमीटर तथा भोजपुर के कोईलवर से बक्सर तक करीब 90 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक पथवे बनाया जाएगा। इससे पटना से सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

हकीकत में बदल रहा दिलीप जायसवाल का आश्वासन

विधायक मिथिलेश तिवारी ने इस मुद्दे को बिहार विधानसभा के अठारहवीं सदन के द्वितीय सत्र में प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने पटना से डुमरिया और कोईलवर से बक्सर तक निर्बाध संपर्क मार्ग की जरूरत बताई थी।

उस दौरान सम्राट चौधरी और पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने सकारात्मक आश्वासन दिया था, जो अब हकीकत में बदल रहा है।

बैकुंठपुर और बक्सर में उत्साह का माहौल

कैबिनेट मंजूरी के बाद बैकुंठपुर और बक्सर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। विधायक ने कहा कि यह परियोजना बिहार के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे न सिर्फ आवागमन तेज होगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच दूरी भी कम होगी।

पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

उन्होंने कहा कि पथवे के निर्माण से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी और पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए यह मार्ग जीवनरेखा बनेगा।

गंगा और नारायणी नदी के किनारे विकसित होने वाला यह पथवे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक बनकर बिहार को आर्थिक और सामाजिक रूप से नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

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