अधिकारियों ने बीमारी की निगरानी और रिपोर्टिंग, संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान, जांच सुविधाओं, आइसोलेशन बेड, आक्सीजन, वेंटिलेटर, पीपीइ किट और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की। सरकारी अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा के मामलों से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।देश के कई भागों में एच1एन1 के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग जम्मू भी सतर्क हो गया है। विभाग की निदेशक पूनम सेठी ने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मंगलवार बैठक कर मौसमी इन्फ्लुएंजा के मौजूदा हालात और मामलों के रुझान की समीक्षा की गई। साथ ही, मामलों की जल्द पहचान, समय पर उपचार और संक्रमण के आगे प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
इन्फ्लुएंजा पर जम्मू में बढ़ेगी निगरानी
डॉ. पूनम सेठी ने सभी स्तरों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध व पुष्ट मामलों की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों, अस्पतालों और राज्य निगरानी इकाई के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी जिले में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आइएलआइ) या गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के मामलों में असामान्य वृद्धि या समूह बनने की स्थिति की तत्काल सूचना देकर जांच की जाए।
रैपिड रिस्पांस टीमें रहेंगी तैयार
बैठक में रैपिड रिस्पांस टीमों की तैयारियों और गंभीर मामलों या संभावित प्रकोप की स्थिति में मरीजों को समय पर रेफर करने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को मानव संसाधन, बुनियादी ढांचे, दवाओं, आक्सीजन और अन्य जरूरी संसाधनों की नियमित समीक्षा करने तथा कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए गए।
राज्य महामारी विशेषज्ञ एवं राज्य निगरानी अधिकारी डा. राश्मि शर्मा ने मौसमी इन्फ्लुएंजा को लेकर निरंतर महामारी विज्ञान निगरानी, समय पर आंकड़ों की रिपोर्टिंग और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मामलों की जल्द पहचान और रिपोर्टिंग से समय पर हस्तक्षेप करने और समुदाय में संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश
स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण के मानक उपायों, मरीजों की उचित ट्रायेज, तर्कसंगत जांच और गंभीर मामलों के समय पर रेफरल को लेकर जागरूक करने के निर्देश दिए गए। आम लोगों में श्वसन स्वच्छता, हाथों की सफाई, खांसते-छींकते समय सावधानी, स्वास्थ्य संस्थानों में उचित मास्क के इस्तेमाल और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
निदेशक जम्मू ने कहा कि मौसमी इन्फ्लुएंजा से होने वाली जटिलताओं और बीमारी के प्रभाव को कम करने के लिए तैयारी, जल्द पहचान, समय पर उपचार और समन्वित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण हैं। सभी जिलों को इन्फ्लुएंजा सीजन के दौरान सतर्क रहने और सभी तैयारियों को सक्रिय रूप से बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

