3100 हेक्टेयर की खदान, 200 लाख टन ‘बॉक्साइट’, अंबानी ने भी बनाया मेटल बिजनेस में उतरने का मूड; वेदांता को चुनौती!

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देश के तीन बड़े उद्योगपतियों के बीच एक बिजनेस को लेकर मानो ठन गई है। दरअसल, अदाणी समूह के बाद मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) भी अनिल अग्रवाल को बिजनेस में चुनौती देने जा रहे हैं। दरअसल, मिंट और UNI की रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) एल्युमीनियम प्रोडक्शन में उतरने पर विचार कर रही है। यह कदम उसके प्रस्तावित कोल गैसीफिकेशन ऑपरेशन्स को मेटल मैन्युफैक्चरिंग से जोड़ सकता है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि RIL मेटल्स बिज़नेस के अपने बड़े मूल्यांकन के हिस्से के तौर पर एल्युमीनियम प्रोडक्शन में उतरने की योजना पर विचार कर रही है। कंपनी की योजनाएं अभी शुरुआती चरण में हैं और उन्हें अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

सूत्रों ने और क्या कहा?

UNI के हवाले से मार्केट सूत्रों ने बताया है कि RIL ने ओडिशा के कारलापट बॉक्साइट ब्लॉक के लिए टेंडर डॉक्यूमेंट्स भी खरीदे हैं। लगभग 3,100 हेक्टेयर में फैले इस ब्लॉक में 200 मिलियन टन से ज़्यादा बॉक्साइट होने का अनुमान है।

रिलायंस और अदाणी ग्रुप उन कंपनियों में शामिल थे जिन्होंने पहले इस ब्लॉक में दिलचस्पी दिखाई थी। हालांकि, 175% का ऑक्शन प्रीमियम (नीलामी प्रीमियम) देने के बाद वेदांता एल्युमीनियम की सब्सिडियरी BALCO पसंदीदा बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब RIL आंध्र प्रदेश में कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी पहले ही राज्य में रेचेरला और चिंतालापुडी में दो कोयला ब्लॉक हासिल कर चुकी है। बता दें कि इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एनर्जी सेक्टर में एक बहुत बड़े और ऐतिहासिक निवेश का प्रस्ताव रखा था। इसके तहत कंपनी ने भारत का पहला ‘इंटीग्रेटेड अंडरग्राउंड कोल गैसिफिकेशन’ कॉम्प्लेक्स शुरू करने का खाका तैयार किया। यह कॉम्प्लेक्स आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में स्थापित करने की योजना है और इस प्रोजेक्ट के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अगले 30 वर्षों में लगभग 2.73 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश का प्रस्ताव राज्य सरकार को दिया है।

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