राजधानी लखनऊ के पॉश एरिया अलीगंज में सोमवार को अवैध व्यावसायिक इमारत में बड़े अग्निकांड में अब तक विद्युत सुरक्षा निदेशालय पर कोई कार्रवाई न होने से बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। अलीगंज में अवैध निर्माण में लगी आग के लिए क्या विद्युत सुरक्षा निदेशालय के जिम्मेदारों को दोषी माना जाएगा। इस अग्निकांड में 15 युवाओं की मौत बेहद गंभीर प्रकरण है।
लखनऊ में वर्ष 2022 में लेवाना होटल अग्निकांड के मामले में शासन ने सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा विजय कुमार राव को निलंबित कर दिया था। आरोप था कि लेवाना होटल संचालक ने निदेशालय से जारी एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया था।वर्तमान में विद्युत सुरक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक आलोक कुमार शुक्ला चंद माह पहले ही कानपुर से स्थानांतरण होकर आए हैं। नियमानुसार यह तीन सहायक निदेशक की जवाबदेही बनती है कि इन्होंने क्या कार्रवाई की। क्या सात वर्ष में भवन स्वामी से नवीनीकरण के लिए कोई पत्राचार किया गया, अगर किया गया तो भवन स्वामी ने क्या जवाब दिया।
सूत्रों के मुताबिक एनओसी के नवीनीकरण के लिए ऊर्जा विभाग के विद्युत सुरक्षा निदेशालय के जिम्मेदारों ने पूरी उदासीनता बरती। अगर जिम्मेदारों ने एनओसी नवीनीकरण का प्रयास किया होता तो प्रारंभिक जांच में जो शार्ट सर्किट की बात सामने आ रही है, वह घटना न होती। निदेशालय एनओसी तभी देता है जब भवन स्वामी बिजली से जुड़ी कमियां दूर करवा लेता है।
सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या शासन वर्ष 2019 से अब तक रहे तीनों सहायक निदेशक पर जिम्मेदारी तय करेगा या फिर खानापूर्ति करके सभी को छोड़ देगा। बता दें कि वर्ष 2022 में निलंबित किए गए विजय कुमार राव वर्तमान में पदोन्नति पाकर मुरादाबाद में उपनिदेशक के पद पर तैनात हैं। लेवाना अग्निकांड में बिजली विभाग से एक सहायक अभियंता और एक अधिशासी अभियंता भी निलंबित हुए थे।


