‘गधों’ का युग खत्म, ‘हाथियों’ का भौकाल बढ़ा: गोरखपुर की नई पशु गणना के चौंकाने वाले आंकड़े

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जिले में खच्चर खत्म हो गए हैं। वर्ष 2019 की पशु गणना में इनकी संख्या 116 थी, जो वर्ष 2025 की गणना में शून्य हो गई है। टट्टू दो हैं। वहीं, गधे समाप्ति की ओर हैं। वर्ष 2019 में हुई पशु गणना में जहां इनकी संख्या 91 थी, वहीं वर्ष 2025 की गणना में मात्र तीन बचे हैं। इसमें एक नर व दो मादा हैं। एक रोचक बात हाथियों को लेकर सामने आई है। 2019 तक पशु गणना से गायब हाथी 2025 में आठ की संख्या में मिले हैं।

बकरियों और भेड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि है, तो वहीं आंकड़े घोड़े पालने का शौक बढ़ने की गवाही भी दे रहे हैं। बकरियों की संख्या 1,59,107 से बढ़कर 2,16,703, भेड़ों की 8,022 से बढ़कर 20,664 और घोड़ों की गिनती 248 से बढ़कर 46इसमें 1,066 नर व 936 मादा हैं। पालतू सूअर व चूहों की की संख्या में कमी दर्ज की गई है। सूअर 4,208 से घटकर 3,003 तो चूहा 280 से घटकर 112 रह गए हैं। इस बार की गणना में जिले में दो टट्टू मिले हैं। इसमें एक नर व एक मादा हैं।1 हो गई। पालतू कुत्तों की संख्या 1,745 से बढ़कर अब 2,002 दर्ज की गई है।

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