J&K में नशे का खौफनाक आंकड़ा! एक साल में रिकॉर्ड 46000 मरीजों का इलाज, जम्मू में सबसे ज्यादा मामले
जम्मू-कश्मीर में लोगों में नशे की लतलगातार बढ़ रही है, खासकर युवा इसका ज्यादा शिकार हो रहे हैं। प्रदेश के नशा मुक्ति केंद्रों पर रिकार्ड नशे के पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। राज्यसभा में बुधवार को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा बताया गया कि समर्थित केंद्रों में वर्ष 2025-26 के दौरान 46,491 लोगों का इलाज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है।
हालांकि नशे के पीड़ितों के पुनर्वास की दिशा में इसे बेहतर भी माना जा रहा है। पहले आंकड़ों पर नजर…
| साल | उपचारित पीड़ितों की संख्या |
| 2021-22 | 5,382 |
| 2022-23 | 27,843 |
| 2023-24 | 40,546 |
| 2024-25 | 36,588 |
| 2025-26 | 46,491 |
2025-26 में जिलेवार उपचारित पीड़ितों की संख्या
| जिला | उपचारित पीड़ितों की संख्या |
| जम्मू | 9,960 |
| श्रीनगर | 6,204 |
| बांडीपोरा | 5,769 |
| कुलगाम | 5,765 |
| राजौरी | 5,561 |
| कुपवाड़ा | 4,530 |
| पुलवामा | 3,433 |
| बड़गाम | 2,693 |
जम्मू-कश्मीर में 5.4 लाख लोग ओपियाड का सेवन करते
सरकार ने बताया कि एम्स के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा 2018 में किए गए राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार जम्मू-कश्मीर में करीब 5.4 लाख लोग ओपियाड का सेवन करते हैं। 10 से 75 वर्ष की आयु वर्ग में ओपियाड सेवन की अनुमानित प्रसार दर 4.91 प्रतिशत थी।
ओपियाड क्या है
ओपियाड ऐसी शक्तिशाली दवाएं या पदार्थ हैं जो शरीर और मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र पर असर डालकर दर्द को कम करते हैं। इनका उपयोग गंभीर दर्द को मिटाने के लिए किया जाता है। नशे के पीड़ितों को वैकल्पिक दर्व के तौर पर ओपियाड का इस्तेमाल किया जाता है।
सर्वेक्षण में करीब 3.9 लाख शराब उपयोगकर्ता, 1.4 लाख कैनाबिस उपयोगकर्ता, 1.7 लाख सेडेटिव उपयोगकर्ता और 1.35 लाख इनहेलेंट उपयोगकर्ता होने का अनुमान लगाया गया था।
33 केंद्रों के जरिए उपचार और पुनर्वास
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में एक इंटीग्रेटेड रिहेबिलिटेशन सेंटर फार एडिक्ट्स, तीन आउटरीच एंड ड्राप-इन सेंटर, दो कम्युनिटी-बेस्ड पीयर-लेड इंटरवेंशन कार्यक्रम, छह जिला नशा मुक्ति केंद्र और 21 एडिक्शन ट्रीटमेंट फेसिलिटीज को समर्थन दे रहा है।
इन सुविधाओं को नेशनल एक्शन प्लान फार ड्रग डिमांड रिडक्शन के तहत वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना के तहत नशे की रोकथाम, जागरूकता, उपचार, पुनर्वास और क्षमता निर्माण पर काम किया जाता है।
हेल्पलाइन पर जम्मू-कश्मीर से 11000 से ज्यादा काल
सरकार के अनुसार देशभर में संचालित 14446 राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन पर अब तक 4.6 लाख से अधिक काल प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर से 11,000 से ज्यादा काल शामिल हैं। वहीं, नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर में अब तक 1.20 करोड़ से अधिक लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया है। इनमें 69.14 लाख से अधिक युवा और 51.20 लाख महिलाएं शामिल हैं।
अभियान के तहत केंद्र शासित प्रदेश में 8,565 नशा मुक्ति मित्र भी जोड़े गए हैं। सरकार के अनुसार 2020 में शुरू किया गया यह अभियान 2023 में देश के सभी जिलों तक विस्तार दिया गया। इसके तहत स्कूलों, उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालय परिसरों के अलावा समुदाय स्तर पर भी जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

