जम्मू-कश्मीर में मौजूदा और पूर्व सांसदों व विधायकों से जुड़े 24 आपराधिक मामले अदालतों में लंबित हैं। इन मामलों में भ्रष्टाचार, आपराधिक कदाचार, कानून-व्यवस्था से जुड़े अपराध, मारपीट, संपत्ति संबंधी अपराध और आतंकवाद से जुड़े आरोप शामिल हैं।
जिला-वार आंकड़ों में जम्मू और डोडा सबसे ऊपर हैं। जम्मू जिले में नौ मामले लंबित हैं। डोडा विधायक मेहराज-उद-दीन मलिक के खिलाफ नौ मामले दर्ज हैं, जिनमें आठ जिला डोडा में ही है। मेहराज पर किसी एक राजनेता के खिलाफ सबसे अधिक मामले हैं। उन पर भद्रवाह, ठाठरी और गंदोह में भी मामले चल रहे हैं।
किस जिले में कितने मुकदमें?
अनंतनाग और श्रीनगर में तीन-तीन तथा पुलवामा में एक मामला लंबित है। बारामुला, बांडीपोरा, बड़गाम, गांदरबल, कठुआ, किश्तवाड़, कुलगाम, कुपवाड़ा, पुंछ, रामबन, रियासी, राजौरी, सांबा, शोपियां और ऊधमपुर में सांसदों या विधायकों से जुड़े लंबित आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं। लेह और कारगिल में भी ऐसे मामलों की संख्या शून्य रही। लंबित मामलों में कई मुकदमे दो दशक से अधिक पुराने हैं।
अनंतनाग में पूर्व विधायक पीर मंजूर अहमद के खिलाफ मामला 1993 में दर्ज एफआइआर से संबंधित है। जुलाई 1997 में अदालत में दाखिल हुआ यह मामला साक्ष्य के चरण में है। पूर्व विधायक फिरोज अहमद के खिलाफ भी 1993 के विजिलेंस मामले की सुनवाई जारी है। यह मुकदमा अगस्त 1997 में अदालत में पहुंचा था। वहीं, पूर्व विधायक अब्दुल रहीम राथर के खिलाफ मामला 2011 में दर्ज विजिलेंस एफआइआर से जुड़ा है।
पूर्व विधायक भी शामिल
अगस्त 2020 में अदालत में दाखिल यह मामला भी साक्ष्य के चरण में है। जम्मू जिले में लंबित नौ मामलों में पूर्व विधायक कांता अंडोत्रा से जुड़े दो मामले शामिल हैं। पूर्व विधायक प्रेम नाथ से जुड़ा मामला वर्ष 2000 के पुलिस केस का है और अंतिम बहस के चरण में है। पूर्व विधायक अब्दुल मजीद वानी के खिलाफ 1993 के डोडा पुलिस केस से संबंधित मुकदमा अगस्त 2025 में अदालत में दाखिल हुआ।
पूर्व विधायक शब्बीर अहमद खान के खिलाफ 2014 के श्रीनगर पुलिस केस से जुड़ा मामला मई 2023 में दाखिल हुआ था। इस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। पूर्व विधायक गगन भगत के खिलाफ दो मामले लंबित हैं। पूर्व विधायक शेख जफरुल्लाह के खिलाफ गुलाम मोहम्मद सरूरी की शिकायत भी जम्मू के स्पेशल एक्साइज मोबाइल मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित है।
फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ कार्यवाही पर रोक
पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधायक सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला का नाम भी लंबित मामलों में शामिल है। यह मामला 2015 के सीबीआइ केस से जुड़ा है और फरवरी 2021 में अदालत में दाखिल हुआ था। मामला अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के चरण में है। हालांकि आरोपी नंबर पांच डॉ. अब्दुल्ला के खिलाफ कार्यवाही पर श्रीनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने रोक लगा रखी है।
भ्रष्टाचार के मामलों की बड़ी संख्या
रिपोर्ट के मुताबिक लंबित मामलों में भ्रष्टाचार से जुड़े मुकदमों की संख्या उल्लेखनीय है। कम से कम छह मामले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम या विजिलेंस व भ्रष्टाचार निरोधक जांच से सीधे जुड़े हैं। इनमें अब्दुल रहीम राथर, पीर मंजूर अहमद, फिरोज अहमद शाह, कांता अंदोत्रा और आगा सैयद रुहुल्लाह से संबंधित मामले।
इंजीनियर रशीद के खिलाफ 2016 का मामला लंबित
पुलवामा के सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद के खिलाफ 2016 का मामला लंबित है। यह मुकदमा अक्टूबर 2023 में अदालत में दाखिल हुआ था और इसकी वर्तमान स्थिति प्रोडक्शन वारंट बताई है। श्रीनगर में सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह से जुड़ा मामला 2009 की एफआइआर से संबंधित है। इसमें भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

