‘यह तो ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है’, ऑपरेशन टाइगर पर एकनाथ शिंदे का उद्धव गुट पर बड़ा हमला

महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाओं के बीच उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर तीखा हमला बोला है। शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने संकेत दिया कि राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो कुछ अभी दिखाई दे रहा है, वह केवल ट्रेलर है, जबकि पूरी फिल्म अभी बाकी है।

अपने संबोधन में एकनाथ शिंदे ने विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से कई लोग उनके बयान और मंच पर मौजूद नेताओं को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सभी के सामने यह स्पष्ट हो गया है कि शिवसेना पहले से अधिक मजबूत स्थिति में खड़ी है।

शिंदे ने बिना किसी का नाम लिए विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग लगातार आलोचना और बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि कुछ लोग रोजाना शोर मचाते हैं, जबकि मजबूत नेतृत्व अपने काम और फैसलों से पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि शेर अकेले चलता है और उसे अपनी ताकत साबित करने के लिए किसी सहारे की जरूरत नहीं होती।

‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट की ओर से दिए गए बयानों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने ‘ऑपरेशन’ की बातें की थीं, लेकिन राजनीतिक संघर्ष केवल बयानबाजी से नहीं जीता जाता। इसके लिए साहस, नेतृत्व क्षमता और मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत होती है।

अपने भाषण के दौरान शिंदे ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कुछ लोग खुद को बड़ा रणनीतिकार बताते हैं, लेकिन केवल दावे करने से कोई बड़ा नेता नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि किसी और की पहचान या प्रतीक अपनाने भर से कोई उसकी बराबरी नहीं कर सकता। यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में उद्धव ठाकरे गुट पर तंज के रूप में देखी जा रही है।

एकनाथ शिंदे ने जून 2022 की अपनी बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी उन्हें कई तरह की धमकियां दी गई थीं। उन्होंने दावा किया कि जब वे मुंबई लौट रहे थे, तब उन्हें रोकने और डराने की कोशिश की गई थी। बावजूद इसके उन्होंने बिना किसी भय के अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखी।

उन्होंने कहा कि मुंबई किसी एक व्यक्ति या परिवार की निजी संपत्ति नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय वह सड़क मार्ग से अकेले मुंबई पहुंचे थे और पूरे घटनाक्रम का सामना मजबूती के साथ किया था। शिंदे ने दावा किया कि जो लोग उस समय उन्हें चुनौती दे रहे थे, वे स्वयं सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे थे।

शिवसेना प्रमुख के इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर दिए गए उनके संकेत आने वाले समय में राज्य की सियासत में नए समीकरणों की ओर इशारा कर सकते हैं। फिलहाल, शिंदे के इस आक्रामक भाषण ने महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

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