बदले कश्मीर का दुनिया को बड़ा संदेश, घाटी में बेखौफ घूमे अमेरिकी राजदूत, पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को लगा झटका
तीन दशकों से अधिक समय के बाद कश्मीर में बदले हालात को अमेरिकी राजदूत के कश्मीर दौरा ने पूरे विश्व में एक सकारात्मक और स्पष्ट संदेश दिया है। पाकिस्तान की इस दौरे पर आई प्रतिक्रिया से यह सहजता के साथ समझा जा सकता है कि यह दौरा क्यों इतना अहम था।
बीते कुछ सप्ताह में पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयवा और उससे जुड़े संगठनों के माध्यम से कश्मीर में कई जगहों पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देकर विश्व को यह बताने का प्रयास किया कि कश्मीर के हालात अभी भी सामान्य नहीं है। यह सभी आतंकी षड्यंत्र श्री अमरनाथ यात्रा के बीच में हुए।
कश्मीर पर पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा अब बेअसर
प्रवासी श्रमिकों पर लक्षित हमले हुए और कश्मीरी हिंदुओं को जान से मारने की धमकी भी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दी गई। लेकिन पाकिस्तान यह भूल गया था कि अब विश्व में उसकी कोई नहीं सुनता और उसने कश्मीर को लेकर जो प्रोपागांड़ा चलाया हुआ है, उस पर कोई भी विश्वास नहीं करता है।
विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा
बीते कुछ वर्ष में कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई कार्यक्रम आयोजित हुए हैं जिनमें अमेरिका, रूस सहित कई देशों के प्रतिनिधियों से भाग लिया है। वे सभी कश्मीर में हुए बदलाव के साक्षी है। ऐसे में अब अमेरिकी राजदूत के बयान और उनके दौरे से कश्मीर की छवि एक बार फिर से पूरे विश्व में बदलेगी।
इसका लाभ जम्मू कश्मीर के पर्यटन को भी मिलेगा। विदेशों से आने वाले पर्यटक बेखौफ आकर यहां पर घुमेंगे। पहलगाम हमले के बाद जो भय का माहौल बना था, वे दूर होगा।उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर सरकार भी इस दौरे के बाद बने माहाैल को और अच्छी तरह से विश्व के समक्ष रखेगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

