बिहार में युवाओं को सनातन से जोड़ने के लिए होगा सम्मेलन, बाबा गरीबनाथ मंदिर कॉरिडोर का होगा विकास
बिहार में धार्मिक वातावरण को सुदृढ़ करने और युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से जल्द ही राज्यस्तरीय धार्मिक युवा सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
इस वृहद आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है और सम्मेलन की औपचारिक तिथि भी शीघ्र घोषित की जाएगी। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन ने बुधवार को बाबा गरीबनाथ मंदिर में सपरिवार पूजा-अर्चना के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
सनातन मूल्यों से जुड़ाव
उन्होंने कहा कि युवा ही राष्ट्र के कर्णधार और भविष्य हैं तथा बिहार की समग्र प्रगति से ही देश का विकास संभव होगा। युवाओं को सनातन धर्म की समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों से परिचित कराने के लिए पर्षद यह विशेष मुहिम शुरू करेगा।
राज्य में सकारात्मक आध्यात्मिक माहौल के निर्माण और समाज निर्माण में धार्मिक युवा सम्मेलन एक ऐतिहासिक व प्रभावी पहल साबित होगा।
गरीबनाथ कॉरिडोर का विकास
पर्षद अध्यक्ष ने बताया कि बाबा गरीबनाथ मंदिर कॉरिडोर परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन विभाग पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। केंद्र व राज्य सरकार देश और प्रदेश के प्रमुख मठ-मंदिरों के सर्वांगीण विकास व संरक्षण पर निरंतर विशेष ध्यान दे रही है।
इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर के पुनर्विकास की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी और इसका भव्य स्वरूप शीघ्र श्रद्धालुओं के सामने होगा।
कब्जाधारियों पर सीधी कार्रवाई
मठ-मंदिरों की संपत्ति पर अवैध कब्जे को लेकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस विषय पर अत्यंत संवेदनशील और सख्त है। हाल ही में दैनिक जागरण में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिरों की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करना स्थानीय जिला प्रशासन का मुख्य दायित्व है।
सामाजिक विकास में योगदान
वर्तमान कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अभी पर्षद के पास सीधे एफआईआर दर्ज कराने का कानूनी अधिकार नहीं है, परंतु भविष्य में यह अधिकार मिलते ही त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य के संपन्न धार्मिक संस्थानों से सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का आह्वान किया। दस लाख से लेकर पांच करोड़ रुपये तक की आमदनी वाले मठ-मंदिर अपनी आय से स्कूल और कॉलेज स्थापित कर युवाओं के भविष्य निर्माण में अहम योगदान दे सकते हैं।
इस दौरान उन्होंने सभी धार्मिक संस्थाओं से समाज और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया ताकि सनातन संस्कृति के साथ आधुनिक शिक्षा का भी विस्तार हो सके। प्रेस वार्ता के समापन पर उपस्थित प्रतिनिधियों ने भी धार्मिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर अपनी सहमति व्यक्त की।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर बाबा गरीबनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी विनय पाठक सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

