बलिया भाजपा जिलाध्यक्ष पर महिला नेता ने लगाए दुष्कर्म के आरोप, FIR में नाम नहीं होने का दावा
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भाजपा की एक महिला नेता ने पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय मिश्र समेत चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म और शोषण का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका लंबे समय तक शोषण किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिला ने FIR में नाम नहीं होने पर उठाए सवाल
महिला नेता के अनुसार, उसने आरोपियों के खिलाफ बांसडीह कोतवाली में शिकायत दी थी। उसके मुताबिक, बाद में निजी वीडियो प्रसारित किए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई, लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र का नाम FIR में शामिल नहीं किया गया। महिला ने दावा किया कि उनके प्रभाव के कारण उनका नाम प्राथमिकी में नहीं आया।
पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर को महिला की शिकायत के आधार पर भाजपा जिला महामंत्री आलोक सिंह मोनू, गणेश गुप्त और अजीत मिश्र चंदन के खिलाफ निजी वीडियो कथित रूप से प्रसारित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। FIR में जिलाध्यक्ष का नाम दर्ज नहीं है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोपों से किया इनकार
संजय मिश्र ने महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए आरोपों को मनगढ़ंत बताया और कहा कि उनका इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है।
वहीं, बांसडीह कोतवाली पुलिस का कहना है कि महिला की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की विवेचना जारी है। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर वीडियो के स्रोत और उसके प्रसारण की जांच की जा रही है।
जांच में सामने आएगा आगे का तथ्य
पुलिस के मुताबिक, महिला ने बातचीत से जुड़े ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में महिला के आरोप, दर्ज FIR और भाजपा जिलाध्यक्ष का पक्ष सामने आया है। अंतिम स्थिति पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

