कभी रामगढ़ जिले की कमान संभालने वाले तीन आईपीएस अधिकारियों ने देश के टॉप-100 पुलिस कप्तानों की सूची में जगह बनाकर जिलेवासियों को गौरवान्वित किया है।
फेम इंडिया-एशिया पोस्ट द्वारा जारी देश के 100 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों की सूची में झारखंड के पांच आईपीएस अधिकारियों का नाम शामिल किया गया है, जिनमें रामगढ़ में पोस्टिंग रहें तीन आईपीएस अधिकारियों का योगदान गौरवान्वित करने वाला है।
सूची में धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार, गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार और सिमडेगा के एसपी श्रीकांत सुरेशराव खोटरे का नाम प्रमुखता से दर्ज है। ये तीनों अधिकारी कभी रामगढ़ जिले में पदस्थ रहे थे।
आईपीएस प्रभात कुमार रामगढ़ के एसपी रह चुके हैं, आईपीएस विमल कुमार भी जिले में पुलिस कप्तान की ज़िम्मेदारियां संभाल चुके हैं। जबकि आईपीएस श्रीकांत एस. खोटरे पतरातू में एसडीपीओ के रूप में कार्यरत रहे थे। अपने कार्यकाल के दौरान इन तीनों ने अपराधियों को कानून का कड़ा पाठ पढ़ाया और आम जनता के बीच पुलिस की छवि को अधिक मैत्रीपूर्ण तथा भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चयन समिति ने आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व क्षमता, जनमित्र पुलिसिंग, नवाचार, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, संकट प्रबंधन, जवाबदेही, जनसंपर्क और पुलिस की सार्वजनिक छवि जैसे कई पहलुओं का आकलन किया था।
बताते चलें कि कभी रामगढ़ जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, संगठित अपराध और साइबर क्राइम से निपटना तथा संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना पुलिसिंग के लिए बड़ी चुनौती थीं।
इन चुनौतियों का सामना करते हुए इन अधिकारियों ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था और आज भी लगातार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए योजनाबद्ध तरीक़े से काम कर रहे हैं।
रामगढ़ जिले में अपने कार्यकाल के दौरान इन तीनों अधिकारियों ने अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की और साथ ही आम नागरिकों के बीच पुलिस को अधिक सुलभ तथा सहयोगी बनाया।
प्रभात कुमार वर्तमान में धनबाद के एसएसपी के रूप में, विमल कुमार गिरिडीह के एसपी के रूप में और श्रीकांत खोटरे सिमडेगा के एसपी के रूप में कार्यरत हैं। इनकी उपलब्धि को रामगढ़ जिले के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इस खबर से जिलेवासियों में उत्साह और गर्व की भावना देखी जा रही है।
फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के अनुसार, चयनित अधिकारियों में से अब देश के टॉप-25 पुलिस कप्तानों की अलग सूची तैयार की जाएगी। झारखंड के इन पांच आईपीएस अधिकारियों के सामने अगली चुनौती टॉप-25 में जगह बनाने की होगी। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत स्तर पर इन अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि झारखंड पुलिस की कार्यशैली और क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करती है।
रामगढ़ जैसे जिले से जुड़े अधिकारियों का राष्ट्रीय सूची में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिस्थितियों में भी पेशेवर पुलिसिंग के जरिए सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। जिले के लोग इन तीनों अधिकारियों के भविष्य की और अधिक सफलता की कामना कर रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

